<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
     xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
     xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
     xmlns:admin="http://webns.net/mvcb/"
     xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
     xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
     xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/">
<channel>
<title>Kumaon Kesari Samachar &amp; : बागेश्वर</title>
<link>https://kumaonkesari.com/rss/category/baageshvar</link>
<description>Kumaon Kesari Samachar &amp; : बागेश्वर</description>
<dc:language>en</dc:language>
<dc:rights>Copyright 2025. Kumaon Kesari Samachar. RNI NO&amp;UTTHIN/2015/67647. All Rights Reserved.</dc:rights>

<item>
<title>कैलाश भट्ट ॠषिवर कैलाशानंद जी महाराज महामंडलेश्वर उपाधी से सम्मानित</title>
<link>https://kumaonkesari.com/Mahamandleshwar</link>
<guid>https://kumaonkesari.com/Mahamandleshwar</guid>
<description><![CDATA[ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सप्तऋषि अखाडा के 13 संतो को महामंडलेश्वर ,मंडलेश्वर एवं अखाडा के संस्थापक श्री सच्चिदानंद बालप्रभु जी महाराज को सप्तऋषि सम्प्रदायाचार्य श्री मदजगद्गुरु सप्तऋषि पीठाधीश्वर पद पर, ,श्री मदजगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री योगेश्वराचार्य एवं जगदगुरु श्री अवधेश प्रपन्नाचार्य जी व अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय सत्र से अखाड़ा परिषद ऋषि हर मनोज दास गुरुजी के पावन सान्निध्य में यह घोषणा की गई की सनातन धर्म की रक्षा तथा प्रचार प्रसार कर रहे तथा निरंतर धार्मिक कार्यो में संलग्न रहने वाले ऐसे हमारे विश्वभर से कई मठों ,धामों ,तथा अखाड़ों से चयनित विभिन्न राज्यों से धर्माचार्य सनातनी विभूतियों को चयनित किया गया, बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में उनका शुद्धिकरण अर्थात पट्टा अभिषेक कार्यक्रम को संपन्न जगद्गुरुओं द्वारा करवाया गया तथा किस प्रकार उन्हें सनातन के मार्ग में आगे भी कार्य करने का है उसका आदेश जगतगुरुओं द्वारा दिया गया । उसी क्रम में पूरे भारत वर्ष के अनेकों राज्यों से चयनित जो महामंडलेश्वर ,मंडलेश्वर की उपाधि से सुशोभित किया है वही अखाड़ा परिषद ने जागेश्वर धाम के मुख्य पुरोहित पंडित हेमन्त भट्ट (कैलाश) का नाम बदलकर 
ॠषिवर कैलाशानंद जी महाराज महामंडलेश्वर उपाधी से सम्मानित किया है
 सप्तऋषि अखाड़ा के महामंडलेश्वर की उपाधी के पश्चात कैलाशानंद महाराज के द्वारा सनातन धर्म के प्रचार प्रसार, धर्मांतरण को रोकना, आश्रम, धर्मशालाओ का निर्माण, नशा मुक्ति व धार्मिक आयोजन आदि कार्य किये जायेगे। कैलाशानंद महाराज का सनातन धर्म के प्रति आस्था व धार्मिक क्रिया कलापो मे संलग्न , अनेकानेक महात्माओ का अनुसरण इनके द्वारा पुर्व से ही किया गया इसके मध्य नजर हुए अखाडे के द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधी दी गई है। उज्जैन पट्टाभिषेक समारोह के दौरान इस आयोजन मे आचार्य लोकेश जोशी, आचार्य नीरज तिवारी, पंडित विनोद जोशी व पंडित विशाल भट्ट आदि सम्मलित थे।
उज्जैन महाकाल की नगरी से &quot;महामंडलेश्वर&quot; की उपाधि लेने के पश्चात हल्द्वानी आगमन पर सैकड़ो लोगो ने स्वागत किया गया। ]]></description>
<enclosure url="http://kumaonkesari.com" length="4096" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sun, 22 Jun 2025 07:25:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
</item>

</channel>
</rss>