सितारगंज। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सितारगंज कोतवाली पुलिस ने जंगल में संचालित कच्ची शराब की भट्ठी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से करीब 200 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की, जबकि शराब बनाने के लिए तैयार किया गया करीब 800 लीटर लहन मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपी पुलिस को देखकर जंगल की ओर फरार हो गए।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों और शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सितारगंज के पर्यवेक्षण में कोतवाली पुलिस को बसगर वन विभाग बैरियर से करीब एक किलोमीटर अंदर जंगल में कच्ची शराब बनाए जाने की सूचना मिली।

सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। झाड़ियों की आड़ से तलाशी लेने पर जंगल के बीच कच्ची शराब की भट्ठी जलती हुई मिली। पुलिस के पहुंचने से पहले भट्ठी के पास मौजूद तीन लोग जंगल की ओर भाग निकले।
पुलिस के मुताबिक, मौके पर जमीन में गड्ढा खोदकर लकड़ियों से आग जलाकर उसके ऊपर लोहे के ड्रम रखकर कच्ची शराब तैयार की जा रही थी। तलाशी के दौरान तीन रबर की ट्यूबों में भरी करीब 200 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद हुई। इसके अलावा दो लोहे के ड्रम, दो एल्युमिनियम पाइप, दो अधजली लकड़ियां और दो प्लास्टिक की बाल्टियां भी बरामद की गईं।

शराब बनाने के लिए तैयार करीब 800 लीटर लहन को पुलिस टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। बरामदगी के आधार पर कोतवाली सितारगंज में मु0अ0सं0 460/2026, धारा 60(1)/60(2) आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
फरार आरोपियों की पहचान सोनू सिंह पुत्र गुरदीप सिंह निवासी कुशमोड़ा, सितारगंज, गुरमीत सिंह पुत्र जोगेन्द्र सिंह निवासी कुशमोड़ा, सितारगंज और संजू सिंह पुत्र राम सिंह निवासी बसगर शक्तिफार्म, सितारगंज के रूप में हुई है।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, उपनिरीक्षक जगदीश तिवारी, अपर उपनिरीक्षक कमलेश मेहरा, हेड कांस्टेबल मतलूब खान, हेड कांस्टेबल नवनीत कुमार और कांस्टेबल सचिन शामिल रहे।


