अग्नाशयशोथ के आयुर्वेदिक उपचार पर वैज्ञानिक शोध की मांग: सांसद अजय भट्ट ने केंद्र को लिखा पत्र
रुद्रपुर। जानलेवा और भयावह अग्नाशय शोथ (पैनक्रियटाइटिस) के इलाज में पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश की उल्लेखनीय सफलता का संज्ञान लेते हुए नैनीताल संसदीय क्षेत्र
रुद्रपुर। जानलेवा और भयावह अग्नाशय शोथ (पैनक्रियटाइटिस) के इलाज में पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश की उल्लेखनीय सफलता का संज्ञान लेते हुए नैनीताल संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट ने भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर इस स्वदेशी खोज के वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास की पुरज़ोर वकालत की है।
श्री अजय भट्ट ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वैद्य बालेंदु प्रकाश द्वारा आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित उपचार पद्धति से पिछले लगभग तीन दशकों से तीव्र (Acute) एवं जीर्ण (Chronic) अग्नाशयशोथ के हजारों रोगियों का उपचार किया जा चुका है, जिनमें से बड़ी संख्या में रोगियों को लाभ प्राप्त हुआ है। यह कार्य आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की जटिल और कठिन माने जाने वाले रोगों की रोकथाम एवं चिकित्सा की संभावनाओं को दर्शाता है, विशेष रूप से उन रोगों में जिन्हें आधुनिक चिकित्सा में असाध्य माना जाता है।
सांसद श्री अजय भट्ट ने बताया कि यदि इस आयुर्वेदिक उपचार पद्धति का आधुनिक वैज्ञानिक मानकों पर परीक्षण, अनुसंधान एवं प्रलेखन कर इसके परिणामों को वैज्ञानिक रूप विकसित किया जाता है, तो यह न केवल अग्नाशयशोथ के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हो सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद को वैज्ञानिक मान्यता दिलाने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम होगा, और भविष्य में आयुर्वेद के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तर पर सर्वोच्च सम्मान, यहाँ तक कि नोबेल पुरस्कार जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने की दिशा में भी मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
यहाँ यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि पद्मश्री वैद्य बालेन्दु को आयुर्वेद के रस शास्त्र पर आधारित आविष्कृत औषधीय योग को भारत सरकार पेटेंट प्रदान कर चुकी हैं और वर्तमान में ऊधम सिंह नगर जनपद में उनके द्वारा एक विशिष्ट आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र को स्थापित कर देश एवं विदेश से आने वाले पैनक्रियटाइटिस रोगियों को चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है।
श्री अजय भट्ट ने अपने पत्र मे केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री से अनुरोध किया गया है कि इस संबंध मे विस्तृत चर्चा हेतु वैद्य बालेन्दु प्रकाश से सम्पर्क करने की कृपा कर अग्रिम कार्यवाही की जाए।


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