वैश्विक शांति की प्रतीकात्मक गुड़ी’ स्थापित, जयाद्री सखी परिवार की सराहनीय पहल

पुरंदर ( विजय कुमार हरिश्चन्द्र) गुढीपाडवा को भारतीय परंपरा में शुभता, नवचेतना और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। नए वर्ष की शुरुआत के साथ यह पर्व हर

वैश्विक शांति की प्रतीकात्मक गुड़ी’ स्थापित, जयाद्री सखी परिवार की सराहनीय पहल

पुरंदर ( विजय कुमार हरिश्चन्द्र) गुढीपाडवा को भारतीय परंपरा में शुभता, नवचेतना और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। नए वर्ष की शुरुआत के साथ यह पर्व हर व्यक्ति के जीवन में नई दिशा, नई ऊर्जा और नई उम्मीद लेकर आता है। इस वर्ष यह पर्व वैश्विक शांति का संदेश देते हुए मनाया गया।

दुनियाभर में चल रही युद्धजन्य परिस्थितियों के कारण कई देशों में अस्थिरता, आर्थिक संकट और मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में युद्ध विराम हो और विश्व में पुनः शांति व स्थिरता स्थापित हो, इस उद्देश्य से जेजुरी स्थित जयाद्री सखी परिवार द्वारा ‘वैश्विक शांति की गुड़ी’ स्थापित की गई।

इस गुड़ी के माध्यम से भारतीय संस्कृति की शांति, सहिष्णुता और एकता की भावना को प्रदर्शित किया गया। “वसुधैव कुटुंबकम्” की विचारधारा को अपनाते हुए संपूर्ण विश्व एक परिवार है, यह संदेश देने का प्रयास इस पहल के जरिए किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं और नागरिकों ने युद्धविराम के लिए प्रार्थना करते हुए वैश्विक शांति का संदेश दिया। साथ ही पर्यावरण अनुकूल और पारंपरिक पद्धति से गुड़ी स्थापित कर भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया।

इस पहल के कारण गुढीपाडवा पर्व को सामाजिक और वैश्विक जागरूकता की नई दिशा मिली है, और जयाद्री सखी परिवार के इस प्रयास की सर्वत्र सराहना की जा रही है।