दिल्ली बनी चैंपियन: 32वीं वेटरन 55+ नेशनल मास्टर्स टेबल टेनिस चैंपियनशिप पर जमाया कब्ज़ा

पुणे। 32वीं वेटरन 55+ नेशनल मास्टर्स टेबल टेनिस चैंपियनशिप में दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक और चैम्पियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

दिल्ली बनी चैंपियन: 32वीं वेटरन 55+ नेशनल मास्टर्स टेबल टेनिस चैंपियनशिप पर जमाया कब्ज़ा

पुणे। 32वीं वेटरन 55+ नेशनल मास्टर्स टेबल टेनिस चैंपियनशिप में दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक और चैम्पियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। अनुभव, संयम और बेहतरीन तालमेल का ऐसा मिश्रण देखने को मिला जिसने दिल्ली को पूरे टूर्नामेंट में सबसे मजबूत टीम बना दिया।
दिल्ली टीम में राजकुमार खुराना, दविंदर सूद, अश्विन वालनजकर, अनिल जाजू और हर्ष चोपड़ा शामिल थे। इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार दमदार खेल दिखाया और एक भी मुकाबले में दबाव में टूटते नजर नहीं आए—यही असली फर्क बना।
नॉकआउट चरण में दिल्ली ने अपने अभियान की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज़ में की। क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक को 3–0 से हराकर साफ संदेश दे दिया कि टीम खिताब लेने आई है। सेमीफाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ 3–1 की जीत ने उनकी लय को और मजबूत किया। फाइनल मुकाबले में मेज़बान महाराष्ट्र को 3–1 से हराकर दिल्ली ने पूरे आत्मविश्वास के साथ ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमा लिया।
इस जीत को खास बनाता है टीम का अनुभव। राजकुमार खुराना पहले भी दिल्ली स्टेट, पंजाब स्टेट और नेशनल स्तर की चैंपियनशिप जीत चुके हैं। साफ है—यह जीत अचानक नहीं आई, इसके पीछे सालों की मेहनत और मैच टेम्परामेंट है।
सीधी बात—आज के दौर में जहां युवा खेलों पर ज्यादा फोकस है, वहां 55+ वर्ग में ऐसा प्रदर्शन दिखाता है कि खेल सिर्फ उम्र का नहीं, जुनून और अनुशासन का मामला है। दिल्ली की यह जीत न सिर्फ एक ट्रॉफी है, बल्कि वेटरन टेबल टेनिस के स्तर को नई पहचान देने वाली उपलब्धि भी है।
यह जीत दिल्ली के लिए गर्व का विषय है और आने वाले खिलाड़ियों के लिए एक साफ संदेश—क्लास और अनुभव कभी आउटडेटेड नहीं होते।