गूलरभोज कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र पर सियासी हलचल, विधायक अरविन्द पांडेय का नाम क्रम में नीचे होने से चर्चाएं तेज

गूलरभोज (उधम सिंह नगर)। नगर पंचायत गूलरभोज में 26 अप्रैल को आयोजित “भव्य शुभारम्भ एवं लोकार्पण समारोह” का निमंत्रण पत्र स्थानीय सियासत में

गूलरभोज कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र पर सियासी हलचल, विधायक अरविन्द पांडेय का नाम क्रम में नीचे होने से चर्चाएं तेज

गूलरभोज (उधम सिंह नगर)। नगर पंचायत गूलरभोज में 26 अप्रैल को आयोजित “भव्य शुभारम्भ एवं लोकार्पण समारोह” का निमंत्रण पत्र स्थानीय सियासत में नई बहस छेड़ गया है। निमंत्रण पत्र में क्षेत्रीय विधायक अरविन्द पांडेय का नाम अतिथियों की सूची में नीचे दर्शाए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

निमंत्रण पत्र के अनुसार कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्लिनिक का शुभारम्भ, 18 दुकानों का लोकार्पण एवं वितरण तथा 10 टाइल्स मार्गों का उद्घाटन होना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा को प्रमुखता दी गई है, जबकि अन्य जनप्रतिनिधियों की सूची में विधायक का नाम अपेक्षाकृत नीचे अंकित है। परंपरागत रूप से क्षेत्रीय विधायक को ऐसे आयोजनों में प्रमुख स्थान मिलने की परिपाटी रही है, ऐसे में यह क्रम कई सवाल खड़े कर रहा है। विधायक अरविन्द पांडेय का नाम निमंत्रण पत्र में पांचवे स्थान पर है,जबकि मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा को विधायक अरविन्द पांडेय से पहले स्थान दिया गया है। यह एक सोची समझी रणनीति का परिणाम है। गूलरभोज चेयरमैन सतीश चुग से भी विधायक की खटपट है ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है।

आयोजन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अतिथियों का क्रम प्रोटोकॉल के अनुसार तय किया गया है और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश निहित नहीं है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों के निमंत्रण पत्र अक्सर स्थानीय शक्ति संतुलन का संकेत भी देते हैं।

मजबूत जनाधार वाले नेता हैं पांडे

अरविन्द पांडेय उधम सिंह नगर की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2002 और 2007 में बाजपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में सीट आरक्षित होने के बाद वे गदरपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे और जीत हासिल की। इसके बाद 2017 और 2022 में भी गदरपुर से लगातार विजय प्राप्त कर उन्होंने पांच बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया।
राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने वर्ष 1997 में बाजपुर नगर पालिका से की, जहां वे चेयरमैन निर्वाचित हुए। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले पांडे के पिता बाजपुर शुगर फैक्ट्री में कार्यरत थे। जमीनी स्तर से राजनीति में आगे बढ़ते हुए उन्होंने क्षेत्र में मजबूत जनाधार बनाया।

सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

पुष्कर सिंह धामी सरकार में पांडे को कैबिनेट मंत्री के रूप में शिक्षा, खेल, पंचायती राज, युवा कल्याण, संस्कृत एवं प्रौढ़ शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिल चुकी है। संगठन और सरकार दोनों स्तर पर उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

अंदरूनी समीकरणों को लेकर भी चर्चा

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रहती है कि पांडे अपने बयानों और तेवरों के कारण कई बार पार्टी के भीतर अलग राय रखते रहे हैं। ऐसे में निमंत्रण पत्र में नाम के क्रम को कुछ लोग इसी संदर्भ में देख रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
फिलहाल, गूलरभोज का यह कार्यक्रम केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि निमंत्रण पत्र के जरिए स्थानीय राजनीति के समीकरण भी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। कार्यक्रम के दिन जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और उनकी भूमिका पर सभी की नजर बनी हुई है।