आयुर्वेद विभाग में स्थानांतरण एक्ट 2017 के पालन की मांग, राज्यपाल को सौंपा पत्र

देहरादून। प्रांतीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड की महिला उपाध्यक्ष डॉ. नीतू कार्की ने आयुष विभाग में स्थानांतरण एक्ट 2017 के अनुपालन को लेकर

आयुर्वेद विभाग में स्थानांतरण एक्ट 2017 के पालन की मांग, राज्यपाल को सौंपा पत्र

देहरादून। प्रांतीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड की महिला उपाध्यक्ष डॉ. नीतू कार्की ने आयुष विभाग में स्थानांतरण एक्ट 2017 के अनुपालन को लेकर राज्यपाल को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. नीतू कार्की ने अपने पत्र में कहा है कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं विभाग में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों की सेवा गणना में स्थानांतरण एक्ट 2017 की धारा 10 (ब) का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि दुर्गम क्षेत्र से सुगम क्षेत्र में तैनात चिकित्सा अधिकारियों की सेवा गणना में अनियमितता बरती जा रही है और दुर्गम क्षेत्र में दी गई सेवाओं को सही तरीके से प्रदर्शित नहीं किया जा रहा।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों के अवकाश काल को लेकर भी विसंगतियां सामने आ रही हैं। एक ओर दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों के अवकाश को sugam सेवा mei dikhaya जा रहा है, जबकि दूसरी ओर सुगम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों के अवकाश / sambaddhata awadhi को durgam सेवा गणना में शामिल किया जा रहा है। इससे वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे चिकित्सकों के साथ अन्याय होने की बात कही गई है।
डॉ. कार्की ने कहा कि यह मामला नागरिकों के समानता के मूल अधिकार और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देने वाले चिकित्सकों के हितों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों की वास्तविक सेवा अवधि को सही तरीके से दर्ज किया जाए तथा अवकाश अवधि को सेवा गणना में पारदर्शिता के साथ शामिल किया जाए।
पत्र में यह भी मांग की गई है कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर स्थानांतरण प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से सेवा दे रहे चिकित्सकों को न्याय मिल सके।