अजय गणपति का सख्त संदेश: “वारंटी बख्शे नहीं जाएंगे”
ऊधमसिंहनगर। जनपद में अपराधियों और लंबे समय से फरार वारंटियों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर
ऊधमसिंहनगर। जनपद में अपराधियों और लंबे समय से फरार वारंटियों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के सख्त निर्देशों के बाद कोतवाली सितारगंज पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए चार वारंटियों को गिरफ्तार किया है, जो काफी समय से न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के बावजूद फरार चल रहे थे।
एसएसपी के स्पष्ट निर्देश हैं कि न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती अधिपत्रों की शत-प्रतिशत तामीली सुनिश्चित की जाए और वांछित/ईनामी/वारंटियों को चिन्हित कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर तथा क्षेत्राधिकारी सितारगंज के पर्यवेक्षण में अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए वारंटियों में दिपांकर पुत्र अनन्त दास (निवासी टैगोरनगर, शक्तिफार्म), सुरेश मण्डल पुत्र निमाई मण्डल (निवासी बैकुण्ठपुर, शक्तिफार्म), कमलेश विश्वास पुत्र जादव विश्वास (निवासी बैकुण्ठपुर, शक्तिफार्म) तथा सुखविन्दर सिंह पुत्र कश्मीर सिंह (निवासी बरुवाबाग झाड़ी पालनगर) शामिल हैं। चारों अभियुक्तों के विरुद्ध फौजदारी वाद दर्ज थे और ये सभी धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामलों में वांछित थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर सभी अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। जनपद में गैर-जमानती वारंटों की तामीली के लिए अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जो भी व्यक्ति न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करेगा, उसके विरुद्ध इसी प्रकार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक प्रकाश भट्ट (चौकी प्रभारी शक्तिफार्म), अपर उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह बोरा, कांस्टेबल 194 भवान सिंह तथा कांस्टेबल 11 दीपक नेगी शामिल रहे।
जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्राथमिकता है—और यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।


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