मिशन संवाद” के तहत दो दिवसीयवेलनेस मेले में पुलिस कर्मियों, परिजनों व बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास

रुद्रपुर। पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संतुलन और समग्र कल्याण को केंद्र में रखते हुए पुलिस लाइन रुद्रपुर में 27 व 28 मार्च को “संवाद वेलनेस

मिशन संवाद” के तहत दो दिवसीयवेलनेस मेले में पुलिस कर्मियों, परिजनों व बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास

 प्रदीप फुटेला 

रुद्रपुर। पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संतुलन और समग्र कल्याण को केंद्र में रखते हुए पुलिस लाइन रुद्रपुर में 27 व 28 मार्च को “संवाद वेलनेस मेला–2026” का आयोजन किया गया। “मिशन संवाद” के तहत आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों, उनके परिजनों व बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “सशक्त उत्तराखण्ड” विजन के तहत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के मार्गदर्शन एवं कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों के बढ़ते मानसिक दबाव को कम करना और उन्हें संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।

मेले में दिल्ली से आए विशेषज्ञों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य पर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए। “द स्कूल ऑफ लाइफ” के अनुभवी काउंसलरों ने तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और कार्य-जीवन संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं और उन्हें व्यावहारिक समाधान भी सुझाए गए। कई कर्मियों ने पहली बार इस तरह के मंच पर अपनी मानसिक चुनौतियों को साझा किया, जो इस पहल की सार्थकता को दर्शाता है।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस बार मीडिया कर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया। उनके लिए भी मानसिक तनाव मुक्ति से संबंधित विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए। इसे एक नवाचारपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर इस प्रकार के कार्यक्रम केवल पुलिस बल तक सीमित रहते हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के तहत चार स्थानीय अस्पतालों के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 700 से अधिक पुलिस कर्मियों एवं प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श का लाभ उठाया। वहीं, करियर मार्गदर्शन सत्रों में कक्षा 8 से स्नातक स्तर तक के 400 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, करियर विकल्पों और भविष्य की योजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उल्लेखनीय है कि “मिशन संवाद” की शुरुआत 5 जुलाई 2025 को की गई थी। इस पहल के तहत अब तक 5000 से अधिक पुलिस कर्मी पंजीकृत हो चुके हैं। करीब 1600 कर्मियों ने विभिन्न कार्यशालाओं में प्रतिभाग किया है, जबकि 700 से अधिक कर्मियों को व्यक्तिगत काउंसलिंग दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 41 गंभीर मामलों का त्वरित समाधान भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया है, जो इस पहल की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

समापन अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र रिद्धिम अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती हैं, ऐसे में उनका मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “एक मजबूत पुलिस बल वही होता है, जो भीतर से संतुलित और सकारात्मक हो। अगर पुलिस कर्मी मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे, तो वे समाज को बेहतर सेवा दे पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि “मिशन संवाद” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य पुलिस परिवारों को भी इस बदलाव का हिस्सा बनाना है। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों से इस पहल का अधिकतम लाभ उठाने और जरूरत पड़ने पर बिना संकोच काउंसलिंग सेवाओं का उपयोग करने की अपील की।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति, पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र चौधरी, पुलिस अधीक्षक सिटी उत्तम सिंह नेगी, क्षेत्राधिकारी लाइन दौलत राम वर्मा, गाइड फॉर कैरियर्स नई दिल्ली के काउंसलर राजेश मिश्रा व उनकी टीम, द स्कूल ऑफ लाइफ दिल्ली की काउंसलर डॉ. डायना चेरियान, संवाद डायरेक्टर सुश्री आरती शंखला, प्रोजेक्ट संवाद की कोऑर्डिनेटर टीम तथा मिशन संवाद एप के डेवलपर गौरव कुमार झा (एस.वी. इन्फोटेक सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने कहा कि “मिशन संवाद” जैसी पहलें पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, सशक्त और उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह कार्यक्रम न केवल पुलिस कर्मियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है, बल्कि एक स्वस्थ और संतुलित कार्य संस्कृति की दिशा में भी मजबूत कदम साबित हो रहा है।