आदि कैलाश अल्ट्रा रन’में रुद्रपुर के अजय अग्रवाल ने 60 किमी श्रेणी में सफलतापूर्वक पूरी की दौड़

रुद्रपुर। उत्तराखंड के संवेदनशील और दुर्गम सीमांत क्षेत्र गुंजी में पहली बार ऊँचाई पर आयोजित ‘आदि कैलाश अल्ट्रा रन’ का सफल आयोजन  किया गया।

आदि कैलाश अल्ट्रा रन’में रुद्रपुर के अजय अग्रवाल ने 60 किमी श्रेणी में सफलतापूर्वक पूरी की दौड़

रुद्रपुर। उत्तराखंड के संवेदनशील और दुर्गम सीमांत क्षेत्र गुंजी में पहली बार ऊँचाई पर आयोजित ‘आदि कैलाश अल्ट्रा रन’ का सफल आयोजन  किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश भर से आए प्रतिभागियों ने कठिन पर्वतीय परिस्थितियों के बीच दमखम दिखाया। इस अल्ट्रा रन में 60 किमी, 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की दूरी श्रेणियाँ रखी गईं।

इस चुनौतीपूर्ण दौड़ की 60 किलोमीटर श्रेणी में अजय अग्रवाल ने प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि दौड़ के दौरान कई धावकों को तेज ठंड, कम ऑक्सीजन और ऊँचाई के दबाव की वजह से दिक्कतें हुईं। कई प्रतिभागी AMS (Acute Mountain Sickness) की समस्या से भी जूझे। इसके चलते रेस मार्ग में कई जगह मेडिकल टीमों और ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध कराए गए थे।

अजय अग्रवाल ने कहा कि इतनी ऊँचाई पर लम्बी दूरी तय करना शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान साँस फूलने, थकान और मौसम बदलने की समस्या लगातार बनी रही, लेकिन पिछले अनुभव और आत्मविश्वास ने उन्हें बड़ी ताकत दी। उन्होंने लगभग 8 घंटे में 60 किलोमीटर की दूरी बिना किसी चोट और स्वास्थ्य समस्या के पूरी कर ली। उन्होंने इसे ईश्वर की कृपा और अपने अनुभव का परिणाम बताया।

अजय अग्रवाल ने आयोजन टीम व स्थानीय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल साहसिक खेलों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के उत्साह, पर्यटन और पहचान को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह दौड़ उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहेगी। उन्होंने रेस के कुछ यादगार क्षणों को तस्वीरों और वीडियोज़ के माध्यम से साझा भी किया।

स्थानीय लोगों और प्रतिभागियों ने भी इस आयोजन को अत्यंत सफल बताया। पर्वतीय भूगोल और कठिन जलवायु के बीच आयोजित यह अल्ट्रा रन उत्तराखंड के साहसिक खेल इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है। आयोजनकर्ताओं का कहना है कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और बड़े पैमाने पर करवाने की योजना है।