देहरादून: भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर ने आज सुधोवाला स्थित अपने देहरादून परिसर के विकास के पहले चरण के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, आईएएस, उपस्थित रहे। इस अवसर पर आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, संस्थान के अन्य अधिकारी तथा आमंत्रित अतिथि भी उपस्थित थे।
यह विकास राज्य की राजधानी देहरादून में आईआईएम काशीपुर की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान की अपनी यात्रा के लगभग पंद्रह वर्ष पूरे होने के साथ, देहरादून परिसर को इसकी शैक्षणिक, कार्यकारी शिक्षा, उद्यमिता और आउटरीच गतिविधियों के विस्तार के रूप में परिकल्पित किया गया है।


आईआईएम काशीपुर के पास सुधोवाला में लगभग पांच एकड़ भूमि है। परिसर को जल्द से जल्द चालू करने के लिए, संस्थान शुरुआत में एक पूर्व-निर्मित (प्रीफैब्रिकेटेड) सुविधा विकसित कर रहा है, जिसमें आधुनिक कक्षा एवं कार्यालय स्थान शामिल हैं। इस परियोजना का कार्यान्वयन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा किया जा रहा है। संस्थान की शैक्षणिक एवं संस्थागत आवश्यकताओं के अनुरूप परिसर का आगे चरणबद्ध रूप से विकास किया जाएगा।
यह सुविधा शुरुआत में आईआईएम काशीपुर के एग्जीक्यूटिव एमबीए, कार्यकारी शिक्षा एवं प्रबंधन विकास गतिविधियों को समर्थन प्रदान करेगी। यह संस्थान के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (FIED) को भी स्थान प्रदान करेगी, जो उद्यमिता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इसका इनक्यूबेशन केंद्र है।
मुख्य अतिथि श्री आनंद बर्द्धन ने संस्थान को उसकी यात्रा के इस नए चरण के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “यह राज्य में संस्थान की उपस्थिति को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और मुझे विश्वास है कि इस नई सुविधा के माध्यम से संस्थान उत्तराखंड की शिक्षा एवं विकास में और अधिक सार्थक योगदान देगा।”
इस अवसर पर बोलते हुए, आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने कहा, “हमारे देहरादून परिसर का विकास आईआईएम काशीपुर की वृद्धि में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य की राजधानी में हमारी उपस्थिति सरकार, उद्योग, उद्यमियों एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ घनिष्ठ जुड़ाव को सक्षम बनाएगी। हम एक ऐसी सुविधा के साथ शुरुआत कर रहे हैं जो हमें शीघ्रता से परिचालन शुरू करने में सक्षम बनाती है, वहीं परिसर को कार्यकारी शिक्षा, आउटरीच और भविष्य की शैक्षणिक पहलों के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में क्रमिक रूप से विकसित भी किया जाएगा।”
दीर्घकाल में, आईआईएम काशीपुर संस्थान की शैक्षणिक योजनाओं एवं उचित अनुमोदनों के अधीन, देहरादून में स्नातक या एकीकृत प्रबंधन शिक्षा कार्यक्रमों जैसी भविष्य की शैक्षणिक पहलों को स्थापित करने की संभावना भी तलाश सकता है।
देहरादून परिसर का विकास न केवल एक नई सुविधा के निर्माण को दर्शाता है, बल्कि राज्य की राजधानी में आईआईएम काशीपुर की दीर्घकालिक संस्थागत उपस्थिति की शुरुआत भी है। यह उत्तराखंड के व्यापक विकास तथा क्षेत्र में सीखने, व्यावसायिक विकास एवं आर्थिक भागीदारी के लिए अधिक अवसर सृजित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।