उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (युकॉस्ट) में दो दिवसीय नवाचार महोत्सव का शुभारंभ

देहरादून, 27 फरवरी 2026। देहरादून स्थित आंचलिक विज्ञान केंद्र, विज्ञान धाम में दो दिवसीय नवाचार महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन का उद्घाटन उत्तराखं

उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (युकॉस्ट) में दो दिवसीय नवाचार महोत्सव का शुभारंभ

देहरादून, 27 फरवरी 2026। देहरादून स्थित आंचलिक विज्ञान केंद्र, विज्ञान धाम में दो दिवसीय नवाचार महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन का उद्घाटन उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया। कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुराज तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव नितेश कुमार झा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि आनंद बर्धन ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार आज के दौर की अनिवार्य आवश्यकता हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। नितेश कुमार झा ने विभाग की विभिन्न पहलों की जानकारी देते हुए राज्य में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
युकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने महोत्सव के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंच विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स और नवाचारकों को अपने विचारों और तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने निर्माणाधीन साइंस सिटी स्थल का निरीक्षण किया और युकॉस्ट की प्रमुख सुविधाओं—सामुदायिक रेडियो स्टूडियो (विज्ञान वाणी), जैव विविधता पार्क, हाइड्रोपोनिक सेटअप, जल प्रयोगशाला, बौद्धिक संपदा अधिकार केंद्र, साइंस एजुकेशन रिसर्च विंग, नॉलेज मैनेजमेंट सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब और हिमालयन गैलरी—का अवलोकन किया।
महोत्सव के अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विषयक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया, जिसमें विभिन्न स्टार्टअप्स और परियोजनाओं ने अपने मॉडल और उत्पाद प्रस्तुत किए।
पहली पैनल चर्चा “विज्ञान एवं नवाचार में महिलाएं: अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा” विषय पर आयोजित हुई, जिसमें डॉ. रीमा पंत, सुश्री मीनाक्षी खाती (ऐपण प्रोजेक्ट), सुश्री हिमानी गोस्वामी (विकास्या) और सुश्री नमिता टम्टा (बाबा एग्रोटेक) ने अपने अनुभव साझा किए।

दूसरी पैनल चर्चा “प्रभावी नवाचार: विज्ञान आधारित स्टार्टअप्स एवं बैंकिंग सहयोग की भूमिका” पर केंद्रित रही। इसमें डॉ. भुवन जोशी (उदयपुर सोलर ऑब्जर्वेटरी), श्री अजय रावत (एस्ट्रोवर्स, हल्द्वानी) और डॉ. पीयूष गोयल, एमेरिटस वैज्ञानिक, युकॉस्ट ने विचार रखे।
विद्यार्थियों के लिए रंगोली, नाटक, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर, मॉडल निर्माण एवं एक्सटेम्पोर जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। साथ ही एआई, रोबोटिक्स, स्टेम और रचनात्मकता पर कार्यशालाओं के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया। बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) एवं करियर मार्गदर्शन पर विशेष सत्र में डॉ. डी.पी. उनियाल ने व्याख्यान दिया।
महोत्सव में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भागीदारी की। सार्क एजुकेशन नेपाल, हिमज्योति पब्लिक स्कूल, सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल, टोंस ब्रिज स्कूल, सेंट जोसेफ अकादमी और उत्तरांचल विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह नवाचार महोत्सव नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और विद्यार्थियों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो राज्य में वैज्ञानिक सोच और नवाचार संस्कृति को सुदृढ़ करने का प्रयास है।