विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को ‘आईकॉन ऑफ देवभूमि अवॉर्ड 2026’ से नवाजा गया

गदरपुर। दिनेशपुर रोड स्थित अशोका रिसॉर्ट में आयोजित ‘आईकॉन ऑफ देवभूमि अवॉर्ड 2026’ समारोह प्रतिभाओं के सम्मान, समाजसेवा, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य

विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को ‘आईकॉन ऑफ देवभूमि अवॉर्ड 2026’ से नवाजा गया

कुमाऊँ केसरी की अनूठी पहल 
 देश-विदेश की हस्तियां एक मंच पर हुईं शामिल

गदरपुर। दिनेशपुर रोड स्थित अशोका रिसॉर्ट में आयोजित ‘आईकॉन ऑफ देवभूमि अवॉर्ड 2026’ समारोह प्रतिभाओं के सम्मान, समाजसेवा, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, मीडिया, व्यापार, कला, खेल और सामाजिक चेतना का एक भव्य संगम बनकर सामने आया। कुमाऊँ केसरी  द्वारा आयोजित इस सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सैकड़ों प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि छोटे शहर गदरपुर में देश-विदेश से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों को एक मंच पर लाकर समाज में सकारात्मक कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया, 

    कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत गरिमामयी वातावरण में हुआ। पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश, समाजसेवी लाल बादशाह, योग गुरु सोहित योगी, योगाचार्य प्रदीप योगी, स्वामी शिवानंद जी महाराज, अभिनेता वरुण सूरी, मर्चेंट नेवी के कैप्टन एवं यूटफोर्ट मैरीन कंपनी के सीईओ सौरभ सारस्वत, पालिकाध्यक्ष मनोज गुंबर तथा व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक छाबड़ा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और समारोह ने एक प्रेरणादायक शुरुआत की।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विहान संस्कृति ग्रुप की टीम द्वारा प्रस्तुत नंदा राजजात यात्रा की सांस्कृतिक झलक ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत कर दिया। कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं डांस ऐली की टीम ने पंजाबी गीतों पर ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत कर समारोह में मनोरंजन का रंग भर दिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथि और दर्शक कलाकारों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते नजर आए।

कार्यक्रम के आयोजक एवं कुमाऊँ केसरी  के संपादक प्रदीप फुटेला ने सभी अतिथियों, सम्मानित प्रतिभाओं एवं उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि “आईकॉन ऑफ देवभूमि अवॉर्ड केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज में चुपचाप उत्कृष्ट कार्य कर रहे उन लोगों को नमन करने का माध्यम है, जो अपने कर्मों से दूसरों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कुमाऊँ केसरी हमेशा समाज में सकारात्मक कार्य करने वालों को पहचान देने का कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे लोग जो वर्षों से समाज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कला और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे होते हैं, उन्हें उचित मंच नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों को सम्मानित कर उनके योगदान को समाज के सामने लाना इस आयोजन का उद्देश्य है।

मुख्य अतिथि पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि छोटे शहर में इतने व्यवस्थित तरीके से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की हस्तियों को एक मंच पर लाना आसान नहीं होता। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए कुमाऊँ केसरी टीम को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए पैंक्रियाटाइटिस (अग्नाशयशोध) जैसी गंभीर बीमारी के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और खानपान में बदलाव के कारण कई गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।

योग गुरु सोहित योगी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहा है, जिसका सबसे प्रभावी समाधान योग और संतुलित जीवनशैली में छिपा है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित आहार को अपने जीवन का हिस्सा बना ले, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

वहीं योगाचार्य प्रदीप योगी ने आधुनिक खानपान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में रासायनिक तत्वों और कीटनाशकों की मात्रा बढ़ती जा रही है, जो मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को घर का स्वच्छ, सात्विक और पौष्टिक भोजन अपनाना चाहिए, ताकि स्वस्थ जीवन जिया जा सके।

समाजसेवी लाल बादशाह ने अपने संबोधन में समाजसेवा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की मदद करने से जो संतोष मिलता है, वह किसी भी अन्य उपलब्धि से बड़ा होता है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम अब तक 2000 रजाइयां, 1500 राशन किट वितरित कर चुकी है। इसके अतिरिक्त थराली बाढ़ पीड़ितों को 200 कट्टे चावल, गरीब परिवारों के 50 जोड़ों का विवाह तथा 15 बच्चों का निःशुल्क इलाज करवाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास हमेशा यही रहता है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खाली हाथ वापस न जाए।

कार्यक्रम में पहुंचे फिल्म अभिनेता वरुण सूरी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि कुमाऊँ केसरी ने उन वास्तविक प्रतिभाओं को सम्मानित करने का कार्य किया है, जो वास्तव में समाज में बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरणा देते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाते हैं।

वर्ल्ड वाइल्ड नेचर फोटोग्राफर कमल गोस्वामी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया बेहद खूबसूरत है और इसकी सुंदरता को बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहद आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित और सुंदर पर्यावरण मिल सके।

मर्चेंट नेवी कैप्टन एवं बीयूटफोर्ट मैरीन कंपनी के सीईओ सौरभ सारस्वत ने तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारों की चर्चा करते हुए बताया कि उनकी कंपनी ने एक ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया है, जो आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से डॉक्टर किसी व्यक्ति का मेडिकल डाटा, ब्लड ग्रुप और बीमारी की जानकारी मोबाइल के जरिए तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।

नेपाल से आए वरिष्ठ पत्रकार राज लुईटेल ने मीडिया की बदलती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया की जिम्मेदारी केवल खबरें दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देना भी मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सकारात्मक पत्रकारिता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर जोर दिया।

पालिकाध्यक्ष मनोज गुंबर ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समारोह उन लोगों के लिए प्रेरणा का कार्य करते हैं, जो समाज के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को मंच देकर सम्मानित करना सराहनीय प्रयास है, जिससे अन्य लोगों का भी मनोबल बढ़ता है।

स्वामी शिवानंद जी महाराज ने सभी प्रतिभागियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जीवन में सफलता का मूल मंत्र सेवा, संस्कार और सकारात्मक सोच है। उन्होंने लोगों से समाजहित में कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान महिला सशक्तिकरण, मॉडलिंग एवं फिल्म इंडस्ट्री, बॉडी बिल्डिंग, पैरा स्पोर्ट्स, शिक्षा, डांस, एंकरिंग, कोरियोग्राफी, व्यापार, वन विभाग, स्वास्थ्य, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसिंग, पत्रकारिता एवं मीडिया सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को ‘आईकॉन ऑफ देवभूमि अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एल्डा फाउंडेशन को सम्मानित किया गया। वहीं मॉडलिंग एवं फिल्म इंडस्ट्री में वरुण सूरी, राजकुमार खुराना, लकी खान, संदीप दुग्गल, प्रदीप शर्मा, सतपाल सिंह, अनुज रस्तोगी, रमजा खान, मोनिका चौधरी, कीर्ति सक्सेना, दीपांविता, रमनदीप कौर, इशिका, नीरू घई और धीरज कुनियाल को सम्मानित किया गया।

खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हेमचंद भट्ट, दीपक मुंजाल, पैरा थ्रो बॉल खिलाड़ी अजय रावत,  रेखा मेहता एवं त्सेरिंग चोएक्यि को सम्मानित किया गया।नेपाल से आए वरिष्ठ पत्रकार राज लुईटेल, टेकराज पांडेय, अपसाना नावा तथा लोकप्रिय डी जे यूबा को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. एम.के. शर्मा, वंदना शर्मा, दीपाली सुखीजा, डॉ. एस.के. त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। वहीं कला एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में डांस ऐली की डायरेक्टर शीना ठुकराल, एंकर प्रियंका अग्रवाल, कोरियोग्राफर आयुषी शर्मा एवं निकिता कक्कड़ को भी अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। व्यापार के क्षेत्र में अशोक हुडिया, अशोक धीर, रवि सचदेवा, मुनि भूसरी, राजेश अग्रवाल, कश्मीर कम्बोज, अनिल नारंग, गौरव मदान, राजेश छिब्बर, राकेश भूसरी, अर्जुन ठक्कर, लकी भूसरी, मनदीप सिंह एवं राकेश गुंबर, अजय छाबड़ा को सम्मानित किया गया। वन विभाग एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए उपनिरीक्षक संदीप सूंठा, सभासद सचिन गुप्ता, इस्लाम और आकाश कोचर को सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए डॉ. अंजू गिरी, डॉ. शशि बाला, एएनएम शशिबाला एवं सरिता आर्या को सम्मान मिला।

सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्रभाव के क्षेत्र में शीतल मौर्या, विजय मौर्या एवं युक्ति सैनी को सम्मानित किया गया। वहीं मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. अजय कुमार तिवारी, भानु प्रकाश, गोपाल अरोरा, जसपाल डोगरा, सतीश बत्रा, विकास तनेजा, सागर गाबा, सुरजीत बत्रा, गौरव बत्रा, निशांत सिंघल एवं को सम्मान प्रदान किया गया। कुमाऊँ केसरी की इस अनूठी पहल की  सभी प्रतिभागियों ने प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं तथा प्रतिभाओं को नई पहचान और सम्मान दिलाने का कार्य करते हैं।