विश्वविख्यात पैनक्रियाटाइटिस विशेषज्ञ प्रो. हाइको विट IPCI 2027 की अंतरराष्ट्रीय सलाहकार समिति में शामिल

रुद्रपुर। अग्न्याशय (पैनक्रियाटाइटिस) रोगों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विश्वविख्यात वैज्ञानिक प्रो. डॉ. हाइको विट ने

विश्वविख्यात पैनक्रियाटाइटिस विशेषज्ञ प्रो. हाइको विट IPCI 2027 की अंतरराष्ट्रीय सलाहकार समिति में शामिल

रुद्रपुर। अग्न्याशय (पैनक्रियाटाइटिस) रोगों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विश्वविख्यात वैज्ञानिक प्रो. डॉ. हाइको विट ने इंटरनेशनल पैनक्रियाटाइटिस कॉन्क्लेव इंडिया (IPCI 2027) की अंतरराष्ट्रीय सलाहकार समिति (इंटरनेशनल एडवाइजरी बोर्ड) का सदस्य बनने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उनके जुड़ने से सम्मेलन की वैश्विक वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
IPCI 2027 का आयोजन 12 से 14 फरवरी 2027 तक गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर (उत्तराखंड) में वैद्य चन्द्र प्रकाश कैंसर रिसर्च फाउंडेशन के तत्वावधान में किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य दुनिया भर के चिकित्सा विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाकर अग्न्याशय रोगों की रोकथाम, निदान, उपचार और अनुसंधान के नवीन आयामों पर गहन मंथन करना है। विशेष रूप से वैद्य चन्द्र प्रकाश कैंसर रिसर्च फाउंडेशन के आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र में दशकों के उपचार अनुभव से तैयार लगभग 2,650 पैनक्रियाटाइटिस रोगियों के आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक उपचार पर भी चर्चा होगी।
प्रो. हाइको विट जर्मनी की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख (TUM) के स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ में पीडियाट्रिक न्यूट्रिशनल मेडिसिन के प्रोफेसर हैं। उन्हें विश्व के अग्रणी पैनक्रियाटाइटिस जेनेटिक्स विशेषज्ञों में गिना जाता है। उनके शोध ने PRSS1, SPINK1, CTRC और CFTR जैसे जीनों की भूमिका को स्पष्ट कर वंशानुगत तथा दीर्घकालिक पैनक्रियाटाइटिस की वैज्ञानिक समझ को नई दिशा दी है। वर्तमान में वे यूरोपियन पैनक्रियाटिक क्लब (EPC) के कोषाध्यक्ष भी हैं तथा इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ पैनक्रियाटोलॉजी (IAP) सहित कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं।
IPCI 2027 के आयोजन सचिव वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने कहा कि प्रो. हाइको विट जैसे विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक का सम्मेलन की अंतरराष्ट्रीय सलाहकार समिति से जुड़ना अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन से यह सम्मेलन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद के बीच सार्थक वैज्ञानिक संवाद स्थापित करने वाला ऐतिहासिक मंच बनेगा।
सम्मेलन में भारत सहित अनेक देशों के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, सर्जन, जेनेटिसिस्ट, एंडोस्कोपिस्ट, पोषण विशेषज्ञ, बुनियादी वैज्ञानिक और आयुर्वेद विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस दौरान तीव्र एवं दीर्घकालिक पैनक्रियाटाइटिस, अग्न्याशय कैंसर, जेनेटिक्स, बायोमार्कर्स, एंडोस्कोपी, पोषण, दर्द प्रबंधन तथा साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार प्रो. हाइको विट की सहमति IPCI 2027 को वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में और अधिक प्रतिष्ठित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।