देशभर के युवाओं में जागी रानी अब्बक्का की वीरता की प्रेरणा
देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रांगण, भगवान बिरसा मुंडा नगर में रानी अब्बक्का की 500वीं जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित भव्य
देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रांगण, भगवान बिरसा मुंडा नगर में रानी अब्बक्का की 500वीं जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित भव्य कलश यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। यह यात्रा रानी अब्बक्का की जन्मस्थली कर्नाटक से प्रारंभ होकर यहां पहुंची और उत्सवपूर्ण माहौल, सांस्कृतिक ध्वनियों और पारंपरिक वेशभूषा के साथ उपस्थित लोगों का आकर्षण केंद्र बनी।
पवित्र जल कलश का स्थापना समारोह
कलश यात्रा के प्रांगण में पहुंचते ही पवित्र जल कलश को विधिवत रूप से अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ) राजशरण शाही को सौंपा गया। इसके बाद इस कलश को राष्ट्रीय अधिवेशन स्थल पर स्थापित किया गया, जहां यह आने वाले कार्यक्रमों और प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनेगा।
3,000 किलोमीटर की यात्रा
कर्नाटक से प्रारंभ हुई इस कलश यात्रा ने 20 विश्वविद्यालयों, 210 महाविद्यालयों और कई नगरों से गुजरते हुए 3,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। अब यह जल कलश राष्ट्रीय अधिवेशन में रानी अब्बक्का प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और प्रेरणा का संदेश
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि यह यात्रा रानी अब्बक्का के अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक है। उनका कहना था कि यह यात्रा देशभर के युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव और वीर मातृभूमि रक्षक रानी अब्बक्का के आदर्शों के प्रति प्रेरणा जागृत करेगी। साथ ही, यह यात्रा शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक सहभागिता का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करती है।
कलश यात्रा और राष्ट्रीय अधिवेशन के कार्यक्रम
राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान कलश यात्रा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम युवाओं में देशभक्ति, सांस्कृतिक जुड़ाव और ऐतिहासिक चेतना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से युवाओं को रानी अब्बक्का के साहस और देशभक्ति की प्रेरणा प्रत्यक्ष रूप से अनुभव होगी।


News Desk 

