संघर्ष, सेवा और आत्मविश्वास की मिसाल: सोनम श्रीवास्तव
रायपुर। समाज सेवा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मिसेज इंडिया सोनम श्रीवास्तव आज हजारों महिलाओं और बच्चों के लिए प्रेरणा
रायपुर। समाज सेवा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मिसेज इंडिया सोनम श्रीवास्तव आज हजारों महिलाओं और बच्चों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। अपने संघर्ष, मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर उन्होंने न केवल सफलता हासिल की, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए भी उम्मीद की नई राह खोली है।
सोनम श्रीवास्तव UHFC फाउंडेशन (United Hands For Change) की संस्थापक हैं। इस संस्था के माध्यम से वे समाज में शिक्षा का प्रसार करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उनके प्रयासों से अब तक 5000 से अधिक जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा मिल चुकी है। इसके साथ ही वे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी देती हैं।
सोनम का सामाजिक कार्यों से जुड़ाव बचपन से ही रहा है। जब वे स्वयं कक्षा आठवीं में पढ़ती थीं, तभी से उन्होंने जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया था। यह छोटी-सी पहल धीरे-धीरे एक बड़े अभियान में बदल गई। आज उनकी संस्था के माध्यम से कई सामाजिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा उठा रहे हैं।
सोनम श्रीवास्तव ने जीवन में कई कठिन चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। एक समय ऐसा भी आया जब वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने साहस और आत्मविश्वास से इस कठिन दौर को पार किया और समाज सेवा के अपने मिशन को जारी रखा। उनकी यही जिजीविषा और दृढ़ संकल्प उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।
अपने सामाजिक कार्यों और उपलब्धियों के लिए सोनम को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। मिसेज इंडिया का खिताब जीतकर उन्होंने अपने शहर और देश का नाम रोशन किया। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में मिसेज इंडिया के खिताब के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी विशेष सम्मान प्राप्त किया।
सोनम श्रीवास्तव का मानना है कि महिलाएं यदि अपने आत्मविश्वास को पहचान लें और शिक्षा को अपना हथियार बना लें, तो वे जीवन की किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। वे महिलाओं से अपील करती हैं कि वे अपने सपनों को सीमित न रखें और निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करें।
आज सोनम श्रीवास्तव न केवल एक सफल व्यक्तित्व हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा की ऐसी मिसाल भी हैं, जो यह संदेश देती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सेवा भावना और मेहनत से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।


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