राष्ट्रीय संविधान दिवस पर पत्रकार संगठन का बड़ा प्रदर्शन, मीडिया को ‘चौथा स्तंभ’ घोषित करने की मांग
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (RPM) ने 26 नवंबर को राष्ट्रीय संविधान दिवस पर राजधानी में विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे से दोपहर
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (RPM) ने 26 नवंबर को राष्ट्रीय संविधान दिवस पर राजधानी में विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगा। संगठन के अनुसार इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से यह मांग उठाना है कि मीडिया को औपचारिक रूप से ‘फोर्थ एस्टेट’ (चौथा स्तंभ) घोषित किया जाए और इसके लिए संसद के माध्यम से केंद्रीय कानून बनाया जाए।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए RPM के राष्ट्रीय अध्यक्ष पाबित्र मोहन ने कहा कि मीडिया व्यवस्था लोकतंत्र का अभिन्न अंग है, लेकिन संवैधानिक रूप से इसे वह मान्यता अब तक नहीं मिली, जिसकी आवश्यकता है। संगठन का मानना है कि मीडिया की संस्थागत सुरक्षा, अधिकार और स्वतंत्रता को संरक्षित करने के लिए केन्द्रीय स्तर पर स्पष्ट विधायी ढांचा आवश्यक है, ताकि पत्रकार भयमुक्त वातावरण में काम कर सकें।
इस प्रदर्शन को नेशनल मीडिया कॉन्फेडरेशन (NMC) और इंडियन फेडरेशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम न्यूज़पेपर्स (IFSMN) का समर्थन भी प्राप्त है। संगठनों ने एकमत होकर कहा कि आज मीडिया पर बढ़ते दबाव, आर्थिक चुनौतियों और संस्थागत जोखिमों को देखते हुए, लोकतंत्र की रक्षा हेतु इस मांग को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
RPM के पदाधिकारियों ने बताया कि देश के कई राज्यों से पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनका कहना है कि संविधान दिवस सिर्फ उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है—और यदि लोकतंत्र को मजबूत रखना है तो मीडिया को शक्ति और सुरक्षा दोनों मिलनी चाहिए।
महासंघ ने अपील करते हुए कहा कि मीडिया को चौथा स्तंभ घोषित करना मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे को स्थिर और संतुलित रखने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पत्रकारों के अधिकारों और जनहित को ध्यान में रखते हुए, इस दिशा में जल्द कदम उठाए जाएँ।
संगठन ने आम जनता, सामाजिक संगठनों और मीडिया समुदाय से इस अभियान में समर्थन और सहभागिता की अपील की है।


News Desk 

