एसआईआर विवाद के बाद सियासत गरमाई, ठुकराल पर मुकदमे के विरोध में एसएसपी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी

रुद्रपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर रुद्रपुर में सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक के दौरान भाजपा विधायक शिव अरोड़ा

एसआईआर विवाद के बाद सियासत गरमाई, ठुकराल पर मुकदमे के विरोध में एसएसपी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी

रुद्रपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर रुद्रपुर में सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक के दौरान भाजपा विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच हुए विवाद के बाद तराई की राजनीति गरमा गई है। प्रशासन की ओर से ठुकराल के खिलाफ पुलिस में शिकायत और मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई। 

मामले की शुरुआत सोमवार को जिला मुख्यालय में एसआईआर को लेकर आयोजित बैठक से हुई। उपलब्ध प्रशासनिक विवरण के अनुसार 24 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में एसआईआर के तहत मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। बैठक में भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

बैठक के दौरान भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच आपत्तियों को लेकर बहस शुरू हो गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ रिपोर्टों में बैठक के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल और हाथापाई की नौबत आने का भी उल्लेख है। स्थिति बिगड़ने के बाद बैठक प्रभावित हुई और भाजपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू कर दिया।

इसके बाद प्रशासन की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, ऊधमसिंह नगर की ओर से पंतनगर थाना पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया कि बैठक के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और हंगामा किया। तहरीर में कहा गया कि विवाद के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी तथा पूरे घटनाक्रम को देखते हुए वैधानिक कार्रवाई का अनुरोध किया गया। पुलिस कार्रवाई में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

मुकदमे की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। मंगलवार को तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में कांग्रेस के जिला एवं महानगर संगठन के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनने की खबरें हैं। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। बेहड़ भी पुलिस कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण चुनावी विषय पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में हुए विवाद को राजनीतिक दबाव में पुलिस कार्रवाई का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस ने ठुकराल के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग की। वहीं भाजपा की ओर से बैठक में कथित अभद्र व्यवहार और आपत्तिकर्ताओं को लेकर उठाए गए सवालों को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी।

एसआईआर को लेकर उत्तराखंड में पहले से ही राजनीतिक दलों के बीच मतदाता सूची की पारदर्शिता और संभावित अनियमितताओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। कांग्रेस ने हाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष भी शिकायतें उठाई हैं और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। ऐसे में रुद्रपुर की बैठक में हुआ विवाद अब स्थानीय राजनीतिक टकराव से आगे बढ़कर एसआईआर को लेकर दोनों दलों की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

फिलहाल पूरे प्रकरण में प्रशासन की ओर से बैठक में हुए घटनाक्रम और पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। ठुकराल के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई के बाद ही मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा रुद्रपुर की राजनीति में और तूल पकड़ता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में एसआईआर की प्रक्रिया के साथ-साथ इस विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।