डेनमार्क के विश्वप्रसिद्ध पैंक्रियाटोलॉजिस्ट प्रो. ड्रूएस IPCI 2027 के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार मंडल में शामिल

रुद्रपुर, उत्तराखण्ड। आगामी इंटरनेशनल पैंक्रियाटाइटिस कॉन्क्लेव इंडिया (IPCI) 2027 के आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है।

डेनमार्क के विश्वप्रसिद्ध पैंक्रियाटोलॉजिस्ट प्रो. ड्रूएस IPCI 2027 के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार मंडल में शामिल

रुद्रपुर, उत्तराखण्ड। आगामी इंटरनेशनल पैंक्रियाटाइटिस कॉन्क्लेव इंडिया (IPCI) 2027 के आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। विश्व के अग्रणी पैंक्रियाटोलॉजिस्ट एवं दर्द विज्ञान विशेषज्ञ प्रो. डॉ. एसब्योर्न मोहर ड्रूएस (डेनमार्क) ने IPCI 2027 के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार मंडल (International Advisory Board) का सदस्य बनने की सहमति प्रदान कर दी है।

प्रो. ड्रूएस वर्तमान में डेनमार्क के आल्बोर्ग विश्वविद्यालय एवं आल्बोर्ग यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल से संबद्ध हैं। वे पैंक्रियास जनित दर्द (Pancreatic Pain), क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस, न्यूरोगैस्ट्रोएंटरोलॉजी तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च के क्षेत्र में विश्व स्तर पर एक प्रतिष्ठित नाम हैं। विगत तीन दशकों में उनके शोध कार्यों ने पैंक्रियाटाइटिस से संबंधित दर्द की समझ, रोग की जटिलताओं के विश्लेषण तथा रोगियों की जीवन गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके नाम पर सैकड़ों शोध प्रकाशन एवं अनेक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग दर्ज हैं।

उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल पैंक्रियाटाइटिस कॉन्क्लेव इंडिया (IPCI) 2027 का आयोजन 12 से 14 फरवरी 2027 के मध्य भारत में प्रस्तावित है। यह सम्मेलन पैंक्रियाटाइटिस एवं अन्य पैंक्रियास संबंधी रोगों पर केन्द्रित भारत का एक विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आयोजन होगा, जिसमें विश्व के प्रमुख गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, पैंक्रियाटोलॉजिस्ट, सर्जन, शोधकर्ता, दर्द विशेषज्ञ तथा आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के विद्वान एक मंच पर एकत्रित होंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य पैंक्रियाटाइटिस की रोकथाम, निदान, उपचार, दर्द प्रबंधन, पुनर्वास तथा एकीकृत चिकित्सा की संभावनाओं पर वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक विमर्श को बढ़ावा देना है। साथ ही यह मंच अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग एवं ज्ञान विनिमय के नए अवसर भी प्रदान करेगा।

IPCI 2027 के आयोजन सचिव पद्मश्री वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने प्रो. ड्रूएस की स्वीकृति का स्वागत करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन सम्मेलन की वैज्ञानिक गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वभर के विशेषज्ञों की सहभागिता से IPCI 2027 पैंक्रियाटाइटिस के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर सिद्ध होने वाला आयोजन बनेगा।

आयोजन समिति ने प्रो. डॉ. एसब्योर्न मोहर ड्रूएस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका हार्दिक स्वागत किया है।

— पद्मश्री वैद्य बालेन्दु प्रकाश
आयोजन सचिव
इंटरनेशनल पैंक्रियाटाइटिस कॉन्क्लेव इंडिया (IPCI) 2027