खाकी पर गाज: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में लापरवाही पर दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर के एसएसपी अजय गणपति ने महिला अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। नाबालिग से दुष्कर्म और पीड़िता को न्याय दिलाने में
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर के एसएसपी अजय गणपति ने महिला अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। नाबालिग से दुष्कर्म और पीड़िता को न्याय दिलाने में हीलाहवाली बरतने के आरोप में कोतवाली रुद्रपुर की महिला हेल्प डेस्क पर तैनात दो महिला पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी की इस सख्त कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार को एक महिला ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई। पीड़िता के मुताबिक:
17 अप्रैल 2026 को उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी यश प्रताप सिंह बहला-फुसलाकर ले गया था।
आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई।
पीड़िता की मां का आरोप है कि वह न्याय के लिए कोतवाली रुद्रपुर, पंतनगर और महिला हेल्प डेस्क के चक्कर काटती रही, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की।
इन पर गिरी निलंबन की गाज
एसएसपी अजय गणपति ने मामले की गंभीरता और पुलिसकर्मियों की उदासीनता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया। ड्यूटी में घोर लापरवाही पाए जाने पर:
म०हे०कानि० पायल आर्या
म०कानि० मंजू आर्या
को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
सात दिन में मांगी रिपोर्ट
एसएसपी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच क्षेत्राधिकारी (CO) पंतनगर डी.आर. वर्मा को सौंपी है। उन्हें सात दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने दो टूक कहा है कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीड़ितों के साथ संवेदनहीन व्यवहार और कानूनी कार्यवाही में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसएसपी का संदेश: “जनपद में महिला संबंधी अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। हर पीड़िता को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।” — अजय गणपति, एसएसपी, ऊधमसिंहनगर


News Desk 

