पाचन लय’ पुस्तिका का विमोचन – स्वस्थ अग्न्याशय एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में एक नई जन-जागरूकता पहल

रतनपुरा, गदरपुर (ऊधम सिंह नगर), उत्तराखण्ड। देश के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य एवं पद्मश्री सम्मानित वैद्य बालेन्दु प्रकाश द्वारा जनसामान्य में स्वस्थ पाचन, अग्न्याशय (Pancreas) एवं पित्ताशय

पाचन लय’ पुस्तिका का विमोचन – स्वस्थ अग्न्याशय एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में एक नई जन-जागरूकता पहल

रतनपुरा, गदरपुर (ऊधम सिंह नगर), उत्तराखण्ड। देश के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य एवं पद्मश्री सम्मानित वैद्य बालेन्दु प्रकाश द्वारा जनसामान्य में स्वस्थ पाचन, अग्न्याशय (Pancreas) एवं पित्ताशय (Gall Bladder) के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “पाचन लय (Digestive Rhythm)” नामक एक सचित्र हिंदी पुस्तिका प्रकाशित की गई है। यह पुस्तिका वैद्य चन्द्र प्रकाश कैंसर रिसर्च फाउंडेशन (VCPCRF) द्वारा जनहित में प्रकाशित एवं निःशुल्क वितरित की जा रही है।  

वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने बताया कि पिछले लगभग पाँच दशकों के अपने नैदानिक अनुभव एवं हजारों अग्न्याशय रोगियों के उपचार के दौरान उन्होंने पाया कि देर रात तक जागना, नाश्ता छोड़ना, अनियमित भोजन, अत्यधिक भोजन, मानसिक तनाव तथा असंतुलित जीवनशैली पाचन तंत्र की प्राकृतिक लय को प्रभावित करते हैं। परिणामस्वरूप पित्ताशय का संकुचन प्रभावित होता है और अग्न्याशय पर अनावश्यक कार्यात्मक दबाव उत्पन्न हो सकता है, जो संवेदनशील व्यक्तियों में दीर्घकालिक रोगों की पृष्ठभूमि तैयार कर सकता है।  

पुस्तिका में सरल चित्रों एवं वैज्ञानिक व्याख्या के माध्यम से बताया गया है कि समय पर भोजन, उचित मात्रा में भोजन, हितकारी आहार, सही समय एवं मात्रा में जल सेवन, पर्याप्त एवं समय पर नींद, तनाव नियंत्रण, नियमित चलना तथा प्रातःकालीन धूप स्वस्थ पाचन लय बनाए रखने के प्रमुख आधार हैं। इसमें आयुर्वेद की जीवनशैली संबंधी अवधारणाओं को आधुनिक विज्ञान के साथ समन्वित रूप में प्रस्तुत किया गया है।  

इस पुस्तिका की एक विशेषता यह भी है कि इसमें मुख से लेकर गुदा तक सम्पूर्ण पाचन तंत्र के विभिन्न अंगों का आदर्श pH, उनके प्रमुख कार्य तथा स्वास्थ्य में उनकी भूमिका को सरल भाषा एवं आकर्षक चित्रों सहित समझाया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि pH संतुलन बिगड़ने पर एंजाइमों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे पाचन एवं पोषक तत्वों का अवशोषण बाधित हो सकता है।  

वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने कहा कि “जब हम प्रकृति की जैविक घड़ी का सम्मान करते हैं, तब शरीर हमारा साथ देता है।” उनका मानना है कि स्वस्थ जीवन केवल औषधियों से नहीं, बल्कि सही दिनचर्या, संतुलित आहार, पर्याप्त विश्राम और तनावमुक्त जीवनशैली से संभव है।

उन्होंने बताया कि यह पुस्तिका रोगियों, चिकित्सकों, आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के विद्यार्थियों तथा सामान्य नागरिकों के लिए समान रूप से उपयोगी है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ पाचन तंत्र एवं जीवनशैली के महत्व से परिचित कराना तथा रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक बनाना है।