वैज्ञानिक प्रमाणों ने बनाई नई राह : दिल्ली के आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ अब अपनाएंगे साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद
नई दिल्ली। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच वर्षों से चली आ रही वैचारिक दूरी को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। पश्चिम विहार,
नई दिल्ली। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच वर्षों से चली आ रही वैचारिक दूरी को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। पश्चिम विहार, नई दिल्ली स्थित सिंघल मेडिकल सेंटर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जी. सी. सिंघल एवं डॉ. निरूपमा सिंघल, जो दोनों आधुनिक चिकित्सा (एम.डी.) के अनुभवी विशेषज्ञ हैं, ने अपने संस्थान में स्पेशियलिटी माइग्रेन एवं पेन केयर क्लिनिक प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है, जिसमें साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों को भी सम्मिलित किया जाएगा।
प्रख्यात आयुर्वेद चिकित्सक एवं शोधकर्ता वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने इस अवसर को चिकित्सा जगत में एक सकारात्मक परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से उनका प्रयास आयुर्वेद को केवल परम्परा के आधार पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर स्थापित करने का रहा है। इसके लिए यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण (Randomized Clinical Trials), नियंत्रित प्रेक्षणीय अध्ययन (Controlled Observational Studies) तथा दीर्घकालिक रोगी-अनुवर्ती अध्ययनों के माध्यम से प्रभावशीलता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया गया है।
वैद्य बालेन्दु प्रकाश के अनुसार, यह किसी चिकित्सा पद्धति की दूसरी पर विजय नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक प्रमाणों की विजय है। जब विश्वसनीय और पुनरुत्पादित किए जा सकने वाले परिणाम उपलब्ध होते हैं, तब चिकित्सा पद्धतियों के बीच की दीवारें स्वतः कम होने लगती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक ईमानदार चिकित्सक—चाहे वह आयुर्वेद का हो या आधुनिक चिकित्सा का—अंततः अपने रोगियों के लिए प्रभावी, सुरक्षित और प्रमाणित उपचार ही चाहता है।
डॉ. जी. सी. सिंघल एवं डॉ. निरूपमा सिंघल की यह पहल देश में Evidence-Based Integrative Medicine की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण बन सकती है और भविष्य में चिकित्सा की दोनों धाराओं के बीच वैज्ञानिक सहयोग को नई गति प्रदान कर सकती है


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