गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ हुआ पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का अंतिम संस्कार

बिलासपुर। प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य, शोधकर्ता एवं पद्मश्री से सम्मानित वैद्य बालेंदु प्रकाश का अंतिम संस्कार शनिवार को गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ

गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ हुआ पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का अंतिम संस्कार

पुत्र देवेंदु प्रकाश ने दी चिता को मुखाग्नि, मुख्यमंत्री धामी , सांसद अजय भट्ट ने भी शोक जताया 

बिलासपुर। प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य, शोधकर्ता एवं पद्मश्री से सम्मानित वैद्य बालेंदु प्रकाश का अंतिम संस्कार शनिवार को गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके आकस्मिक निधन से आयुर्वेद एवं चिकित्सा जगत में शोक की लहर है। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में उनके परिजन, शुभचिंतक, शिष्य, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग शामिल हुए।

दिवंगत वैद्य बालेंदु प्रकाश के पुत्र देवेंदु प्रकाश ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। अपने प्रिय चिकित्सक और मार्गदर्शक को अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों की आंखें नम थीं।

पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पुलिस जवानों ने सम्मानपूर्वक सलामी देकर चिकित्सा एवं समाज के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को नमन किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांसद अजय भट्ट, कांग्रेस नेत्री शिल्पी अरोरा, विधायक अरविंद पांडेय, विधायक तिलक राज बेहड़, बिलासपुर पालिका अध्यक्ष चित्रक मित्तल समेत अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने  दिवंगत वैद्य बालेंदु प्रकाश के निधन पर शोक संदेश भेजकर श्रद्धांजलि अर्पित की है।

इस अवसर पर उपस्थित बिलासपुर पालिका अध्यक्ष चित्रक मित्तल ने कहा कि वैद्य बालेंदु प्रकाश का निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद और चिकित्सा जगत के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने ज्ञान, अनुभव और सेवाभाव से चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई।

पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश आयुर्वेद चिकित्सा एवं शोध के क्षेत्र में देश-विदेश में प्रतिष्ठित नाम थे। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था। उन्होंने आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक वैज्ञानिक शोध के साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। विशेष रूप से अग्न्याशय (पैंक्रियास) से संबंधित जटिल रोगों के उपचार एवं शोध के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

उनका पूरा जीवन चिकित्सा सेवा, शोध और आयुर्वेद को वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ाने के प्रयासों को समर्पित रहा। उनके निधन से उनके परिजनों, शिष्यों और मरीजों में गहरा शोक है।

अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

वैद्य बालेंदु प्रकाश की चिकित्सा सेवा, शोध के प्रति समर्पण और आयुर्वेद के क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक स्मरण किया जाता रहेगा।