गोवा में भारतीय वरिष्ठ पत्रकार महासंघ की पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक
पणजी (गोवा):देशभर के वरिष्ठ पत्रकारों की समस्याओं, उनके अधिकारों और बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारिता की चुनौतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य
पत्रकारों की सुरक्षा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा पर हुआ गंभीर मंथन
केंद्र व राज्य सरकारों से वरिष्ठ पत्रकारों की समस्याओं के समाधान की मांग
प्रदीप फुटेला
पणजी (गोवा):देशभर के वरिष्ठ पत्रकारों की समस्याओं, उनके अधिकारों और बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारिता की चुनौतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से भारतीय वरिष्ठ पत्रकार महासंघ की पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक गोवा में आयोजित की गई। ओल्ड गोवा स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लगभग 70 वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया। बैठक में पत्रकारों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और मीडिया जगत के बदलते स्वरूप पर गंभीर मंथन किया गया तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की गई कि वरिष्ठ पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। विशेष रूप से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन राशि बढ़ाने, रेल यात्रा में पूर्व की भांति 50 प्रतिशत रियायत बहाल करने तथा स्वास्थ्य और आवास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर जोर दिया गया।
बैठक में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप दीक्षित, महासचिव एन.पी. चेकुट्टी, उपाध्यक्ष आनंदम पुलिपलपुला, सुहासिनी प्रभुगांवकर, चंद्रप्रकाश भारद्वाज, अश्विनी कुमार, बेनूधर पांड्या, शांता कुमारी, कन्हू नंदा, रंगराज, के.पी. विजय कुमार, सुंदर राजन, फ्रैंको लुईस, रीमा, रामचंद्रन, प्रदीप फुटेला, सबा नारायणन, परमेश्वर राव, भूपथी, श्रीनिवास रेड्डी, शशि मोहन सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पत्रकारों और कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में “पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा” विषय पर एक विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज की आवाज़ को सामने लाने का काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता नहीं मिल पाती। इसलिए पत्रकारों के लिए ठोस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था बनाना समय की मांग है।
परिचर्चा में केरल, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तराखंड और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ पत्रकारों और पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस दौरान अलग-अलग राज्यों में पत्रकारों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
डिजिटल युग में पत्रकारिता की नई चुनौतियों पर चर्चा
बैठक में यह भी कहा गया कि वर्तमान समय में पत्रकारिता तेजी से बदल रही है। डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव ने समाचार माध्यमों के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे समय में पत्रकारों को नई तकनीकों के साथ तालमेल बैठाते हुए पत्रकारिता की विश्वसनीयता और नैतिकता को बनाए रखना होगा। वक्ताओं ने कहा कि आज मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वसनीयता बनाए रखने की है। फेक न्यूज, अपुष्ट जानकारी और सोशल मीडिया की तेज रफ्तार के बीच तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।
महासंघ की कार्ययोजना और संगठनात्मक ढांचे पर विचार
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप दीक्षित और महासचिव एन. चेकुट्टी ने बताया कि भारतीय वरिष्ठ पत्रकार महासंघ की यह पहली प्रत्यक्ष राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक है। उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य देशभर के वरिष्ठ पत्रकारों को एक साझा मंच प्रदान करना और उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है। बैठक में महासंघ के संविधान, प्रशासनिक ढांचे और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से विचार किया गया। इसके साथ ही पत्रकारों के हितों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक के दौरान केरल वरिष्ठ पत्रकार महासंघ की स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों ने पत्रकारिता के अनुभव साझा किए और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
इस राष्ट्रीय बैठक में तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली और ओडिशा सहित कई राज्यों के वरिष्ठ पत्रकार, छायाकार और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका और अधिक मजबूत हो सके।


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