जंतर–मंतर पर राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का धरना प्रदर्शन

जंतर–मंतर पर राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का धरना प्रदर्शन

मीडिया को संवैधानिक चौथा स्तंभ घोषित करने की उठी जोरदार मांग

नई दिल्ली। संविधान दिवस के मौके पर जंतर–मंतर एक बार फिर पत्रकारों की आवाज़ से गूंज उठा। राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (RPM) ने यहां विशाल धरना–प्रदर्शन और विरोध सभा आयोजित कर केंद्र सरकार से मीडिया को संवैधानिक रूप से लोकतंत्र का चौथा स्तंभ घोषित करने की मांग दोहराई। RPM की ओर से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें पत्रकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने और मीडिया की संस्थागत मजबूती सुनिश्चित करने की बात कही गई।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पवित्र मोहन सामंतराय ने कहा कि पत्रकार प्रतिकूल और जोखिम भरी परिस्थितियों में भी लगातार सच को सामने लाने का काम करते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, “पत्रकार हर दिन जान जोखिम में डालकर लोकतंत्र की नींव को मजबूत करते हैं, लेकिन उन्हें न तो संवैधानिक अधिकार मिले हैं और न ही पर्याप्त सुरक्षा। सत्ता मीडिया को चौथा स्तंभ तो कहती है, पर इसे आज तक संवैधानिक मान्यता नहीं दी गई है।” उन्होंने सरकारी दबाव, उत्पीड़न और सुविधाओं में कटौती को गंभीर समस्या बताया।

संगठन दिल्ली–एनसीआर के अध्यक्ष वीरेंद्र सैनी ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पत्रकारों की सुविधाएँ लगातार कम की जा रही हैं। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, रेल यात्रा सुविधा बहाल करने और मीडिया को संवैधानिक चौथा स्तंभ घोषित करने की मांग रखते हुए कहा कि “ये कदम अब विलंब नहीं, तत्काल उठाए जाने चाहिए।”

धरना–प्रदर्शन में देशभर से बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। इंडियन फेडरेशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम न्यूज़पेपर, नेशनल मीडिया कन्फेडरेशन और UPJA से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में मेहताब खान, घनश्याम दास, पवन भूट, बाघी, अजेेश कुमार, प्रदीप फुटेला,सुरेश चौधरी, प्रियव्रत नायक, ताहिर अहमद, संतोष यादव, गंगा साहू, भानु प्रताप नायक, सीमा द्रि राव, जुधिष्ठिर बाग सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।

कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि भी पहुंचे, जिनमें BMS दिल्ली के देवेंद्र नाथ पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता मैथ्यू नेडुंपुरा, अधिवक्ता असद अल्वी, स्तंभकार विवेक शुक्ला, राष्ट्रीय जनता लोकदल के अध्यक्ष उमाकांत पांडे, उपजा महासचिव प्रदीप शर्मा, IFSMN अध्यक्ष अरुण गोयल, NMC उपाध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा, प्रो. डॉ. रवि चतुर्वेदी तथा फिल्म निर्माता एवं पत्रकार जवाहर जयरथ शामिल थे। सभी ने एक स्वर में पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र के लिए अनिवार्य बताते हुए संवैधानिक मान्यता की जरूरत दोहराई।“मीडिया को संवैधानिक दर्जा दो, पत्रकारों की सुरक्षा करो, लोकतंत्र बचाओ!”के नारे भी लगे।कार्यक्रम संचालन मिस आकांक्षा ने किया, जबकि समन्वय राष्ट्रीय संयोजक मेहताब खान चांद और धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष धीरज कुमार ने किया।