सुनेत्रा का 'मंगल' और विवाह का 'शुक्र': 40 साल पहले '30 तारीख' को ही लिख दी गई थी 31 जनवरी की पटकथा!
इंदौर/मुंबई, 31 जनवरी 2026: क्या 28 जनवरी का हादसा, 31 जनवरी की शपथ और 420 दिन का कार्यकाल महज इत्तेफाक था? शायद नहीं।
अजित-सुनेत्रा की शादी की तारीख (30+12) का जोड़ भी '6', जिसने 420 दिन (6) की सत्ता को आज नया रूप दिया
महाराष्ट्र की 11वीं और पहली महिला डिप्टी सीएम का ज्योतिषीय ' डिकोडिंग '
विजय दीक्षित
(सीनियर एडिटर, अमृत बाजार पत्रिका/युगान्तर समूह कोलकाता)
इंदौर/मुंबई, 31 जनवरी 2026: क्या 28 जनवरी का हादसा, 31 जनवरी की शपथ और 420 दिन का कार्यकाल महज इत्तेफाक था? शायद नहीं। जब हम महाराष्ट्र की नवनियुक्त और पहली महिला उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जन्म और विवाह की तारीखों को खंगालते हैं, तो 'अंक 6' का रहस्यमयी चक्र पूरा होता दिखाई देता है। अजित दादा के जीवन का 'मैजिक नंबर 6' दरअसल उनके विवाह की तारीख में ही छिपा था, जो आज उनकी पत्नी को राजयोग तक ले आया।
1. विवाह की तारीख का अद्भुत '6' कनेक्शन
सुनेत्रा और अजित पवार का विवाह 30 दिसंबर 1985 को हुआ था।
अंक ज्योतिष में इस तारीख को ध्यान से देखें:
तारीख: 30
माह: 12
गणना: अगर हम तारीख और महीने को जोड़ें (30 + 12) तो योग आता है 42।
परिणाम: 4 + 2 = 6।
यह वही 'अंक 6' है जो अजित पवार के 420 दिनों (4+2+0 = 6) के कार्यकाल में दिखा, उनकी मौत के समय (8:43 = 15 = 6) में दिखा और आज सुनेत्रा पवार की शपथ (तारीख 31+01+2026 = 15 = 6) में दिखा।
यानी 1985 में जिस दिन वे परिणय सूत्र में बंधे, उसी दिन 'शुक्र' (6 अंक) ने तय कर दिया था कि यह जोड़ी सत्ता के शिखर पर भी '6' के संयोग से ही पहुंचेगी।
2. जन्म का 'मंगल' (9) और 'पहली' महिला डिप्टी सीएम
सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को हुआ।
मूलांक: 18 (1 + 8) = 9।
ग्रह: अंक 9 का स्वामी 'मंगल' (Mars) है।
ज्योतिष में मंगल 'शक्ति', 'साहस' और 'नेतृत्व' का प्रतीक है। मंगल प्रधान व्यक्ति अक्सर 'पहल' (Pioneer) करता है।
यही कारण है कि वे महाराष्ट्र के इतिहास की 'पहली' महिला डिप्टी सीएम बनीं। जहां शुक्र (अजित पवार का 6 अंक) ने उन्हें 'राजसी' बनाया, वहीं मंगल (सुनेत्रा का 9 अंक) ने उन्हें इतिहास रचने का साहस दिया। यह 6 और 9 का संयोग 'लक्ष्मी-नारायण' योग की तरह फलित हुआ है।
3. '11वीं' डिप्टी सीएम: मास्टर नंबर की भूमिका
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की 11वीं उपमुख्यमंत्री बनी हैं।
अंक: 11 को अंक ज्योतिष में 'मास्टर नंबर' माना जाता है, जो अध्यात्म और अंतर्ज्ञान का प्रतीक है।
चंद्रमा का प्रभाव: 1 + 1 = 2 (चंद्रमा)।
मातृत्व भाव: चंद्रमा 'माता' का कारक है। अजित दादा के जाने के बाद, महाराष्ट्र की जनता और पार्टी अब उनमें एक 'मां' (मातृत्व भाव) की छवि देखेगी। यह अंक उन्हें जनता से भावनात्मक रूप से जोड़ेगा।
निष्कर्ष: 6 का चक्र और 9 की शक्ति
कहानी बिल्कुल साफ है। अजित पवार (शुक्र/6) और सुनेत्रा पवार (मंगल/9) का मिलन 30 दिसंबर (30+12=42=6) को हुआ था। नियति ने अजित पवार को 420 दिन (6) सत्ता में रखा और जब जाने का वक्त आया, तो उन्होंने अपनी विरासत उसी 'अंक 6' की तारीख (31 जनवरी) और समय (5:01 PM) पर अपने 'मंगल' (पत्नी) को सौंप दी।
यह संयोग नहीं, ग्रहों की वह गणितीय व्यवस्था है जो बताती है कि "समय से पहले और भाग्य से ज्यादा" किसी को नहीं मिलता, लेकिन पवार परिवार के लिए भाग्य ने 'अंक 6' के जरिए सत्ता का दरवाजा फिर खोल दिया है।
अजित पवार: 'अंक 6' का रहस्यमयी चक्र और नियति का खेल।राजनीति में हम अक्सर बयानों और रणनीतियों का विश्लेषण करते हैं, लेकिन अजित पवार के जीवन और मृत्यु के बीच जो गणितीय ताना-बाना बुना गया है, वह विज्ञान और तर्क से परे है। क्या नियति पहले से सब तय कर चुकी थी? अजित दादा के जीवन में 'अंक 6' (Number 6) का ऐसा अद्भुत और डरावना संयोग सामने आया है, जो यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या इंसान का वक्त वाकई पहले से लिखा होता है।
1. पद से लेकर अंत तक: हर जगह '6' का साया
अजित पवार के राजनीतिक करियर और उनके जीवन के अंतिम अध्याय को देखें, तो अंक 6 उनका पीछा नहीं छोड़ता:
छठवीं बार शपथ: अजित पवार ने 4 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। यह उनका 6 वा कार्यकाल था।
420 दिन का कार्यकाल: उनका यह कार्यकाल कुल 420 दिनों का रहा। अंक शास्त्र (Numerology) के अनुसार, यदि हम 420 को जोड़ें (4+2+0), तो कुल योग 6 आता है।
मृत्यु का समय: 28 जनवरी को जिस वक्त उनका विमान हादसे का शिकार हुआ, वह समय था प्रातः 8:43 मिनट। इसका जोड़ (8+4+3 = 15, और 1+5) भी 6 ही होता है।
2. पूर्वाभास और नियति की तारीख
अजित दादा को शायद अनहोनी की भनक लग चुकी थी। 24 जनवरी को उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था— "नियति के आगे किसी की नहीं चलती।"
ध्यान दें: 24 तारीख का जोड़ (2+4) भी 6 है। यानी जिस दिन उनकी अंतरात्मा ने उन्हें चेतावनी दी, वह भी अंक 6 के प्रभाव में था।
3. सत्ता का हस्तांतरण: पत्नी (शुक्र) को सौंपी गद्दी
अंक ज्योतिष और वैदिक ज्योतिष में अंक 6 का स्वामी 'शुक्र' (Venus) होता है। शुक्र को 'भोग', 'ऐश्वर्य' और सबसे महत्वपूर्ण— 'पत्नी' का कारक माना जाता है।
शपथ की तारीख: अजित दादा के न रहने पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने आज यानी 31 जनवरी 2026 को शपथ ली। पूरी तारीख का जोड़ (3+1+0+1+2+0+2+6 = 15, यानी 1+5) पुनः 6 आता है।
शपथ का समय: सुनेत्रा पवार ने ठीक शाम 5:01 बजे शपथ ली। इसका जोड़ (5+0+1) भी 6 है।
ज्योतिषीय विश्लेषण: शुक्र का पूर्ण चक्र
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह घटनाक्रम सामान्य नहीं है। अंक 6 (शुक्र) ने अजित पवार को जीवन भर ऐश्वर्य और सत्ता दी। चूंकि 6 अंक 'पत्नी' का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए अजित दादा के जीवन का यह अंक चक्र उनकी मृत्यु के साथ खत्म नहीं हुआ, बल्कि उनकी विरासत, उनकी सत्ता और उनका राजयोग उनकी पत्नी (सुनेत्रा) में स्थानांतरित हो गया।
ऐसा प्रतीत होता है कि अजित पवार का '6' अंक का कार्मिक चक् उन्हें 420 दिनों तक सत्ता में रखने के बाद, उसी सत्ता को उनकी अर्धांगिनी को सौंपने के लिए प्रतिबद्ध था।
अजित पवार अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन 'अंक 6' के जरिए उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। 420 दिन का कार्यकाल और ठीक 6 अंक के समय पर पत्नी की ताजपोशी— यह बताता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अजित दादा का शरीर गया है, लेकिन उनका 'शुक्र' (प्रभाव) अभी भी सत्ता के सिंहासन पर विराजमान है।


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