नेत्रदान तथा देहदान का संकल्प लेने वालों को 7 मार्च को किया जाएगा सम्मानित

हल्द्वानी। समाज में मानवता और सेवा की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए अनमोल संकल्प सिद्धि फाउंडेशन द्वारा 7 मार्च 2026 को

नेत्रदान तथा देहदान का संकल्प लेने वालों को 7 मार्च को किया जाएगा सम्मानित

अनमोल संकल्प सिद्धि फाउंडेशन की अध्यक्षा सुचित्रा पंकज जायसवाल ने बताया—भव्य कार्यक्रम में होगा सम्मान

हल्द्वानी। समाज में मानवता और सेवा की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए अनमोल संकल्प सिद्धि फाउंडेशन द्वारा 7 मार्च 2026 को “संकल्प सिद्धि सम्मान समारोह” का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम नगर निगम सभागार, नैनीताल मार्ग, हल्द्वानी में अपराह्न 3 बजे से आयोजित होगा, जिसमें नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले प्रेरणादायी व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
फाउंडेशन की अध्यक्षा सुचित्रा पंकज जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष समारोह में समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं के साथ-साथ मानवता की सेवा हेतु नेत्रदान और देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों को “संकल्प सिद्धि सम्मान” से अलंकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का प्रयास है, ताकि अधिक से अधिक लोग अंगदान और देहदान जैसे पुनीत कार्यों के लिए आगे आएं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी नैनीताल श्री ललित मोहन रयाल उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम हल्द्वानी के महापौर श्री गजराज सिंह बिष्ट करेंगे। समारोह में विभिन्न सामाजिक संगठनों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति भी अपेक्षित है।
सुचित्रा जायसवाल ने कहा कि नेत्रदान से जहां किसी अंधे व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है, वहीं देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जरूरत है कि हम केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी सोचें। ऐसे संकल्प समाज को संवेदनशील और जागरूक बनाते हैं।
फाउंडेशन की ओर से सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर संकल्प लेने वालों का उत्साहवर्धन करें और स्वयं भी इस मानवीय पहल से जुड़ने पर विचार करें। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखते हैं और सेवा की भावना को नई दिशा देते हैं।