ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में आचार्य प्रशांत का व्याख्यान, ईशावास्य उपनिषद पर हुआ ऐतिहासिक संवाद
ग्रेटर नोएडा,। भारतीय दार्शनिक और वेदांत विचारक आचार्य प्रशांत ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ईशावास्य उपनिषद के दूसरे श्लोक पर एक विस्तृत
ग्रेटर नोएडा,। भारतीय दार्शनिक और वेदांत विचारक आचार्य प्रशांत ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ईशावास्य उपनिषद के दूसरे श्लोक पर एक विस्तृत व्याख्यान देकर भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। यह अवसर इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि लगभग 150 वर्ष पूर्व जर्मन विद्वान मैक्स मूलर ने इसी विश्वविद्यालय से ईशावास्य उपनिषद का पहला अंग्रेज़ी अनुवाद प्रकाशित कर पश्चिमी जगत को उपनिषदों से परिचित कराया था।
डेढ़ शताब्दी बाद उसी ऐतिहासिक परिसर में एक भारतीय दार्शनिक द्वारा उपनिषद का प्रत्यक्ष विवेचन ज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है। व्याख्यान के बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के सामने मीडिया से बातचीत करते हुए आचार्य प्रशांत ने कहा कि मैक्स मूलर ने उपनिषदों को पश्चिम तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया, लेकिन केवल शब्दों का अनुवाद पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्ञान तब जीवंत होता है जब उसे वर्तमान जीवन में उतारा जाए।
आचार्य प्रशांत ने अपने संबोधन में जलवायु संकट, मानसिक तनाव और सामाजिक विखंडन जैसी वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मज्ञान और आत्म-परीक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। उनके अनुसार उपनिषदों का संदेश केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि मानव जीवन और समाज की समकालीन समस्याओं के समाधान का भी मार्ग प्रस्तुत करता है।
ऑक्सफोर्ड प्रवास के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने आचार्य प्रशांत को ऐतिहासिक परिसर का भ्रमण भी कराया। इस दौरान उन्होंने न्यू कॉलेज, सोमरविल कॉलेज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस सहित कई प्रमुख स्थलों का दौरा किया तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों के साथ संवाद किया।
आचार्य प्रशांत का यह ब्रिटेन दौरा भारतीय दर्शन और वेदांत को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैम्ब्रिज यूनियन और ब्रिटिश संसद में उनके संवादों ने भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। ब्रिटेन प्रवास के अगले चरण में वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स तथा लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक 2026 के विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे। उनके इन कार्यक्रमों पर देश-विदेश के शिक्षाविदों और युवाओं की विशेष नजर बनी हुई है।


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