रोना नहीं है, मैं फिर आऊंगा: रामपुर में एसपी की विदाई बनी भावुक पल

उत्तर प्रदेश के रामपुर में उस वक्त माहौल पूरी तरह भावुक हो गया, जब पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र की विदाई समारोह आयोजित की गई। आमतौर पर ट्रांसफर और

रोना नहीं है, मैं फिर आऊंगा: रामपुर में एसपी की विदाई बनी भावुक पल

उत्तर प्रदेश के रामपुर में उस वक्त माहौल पूरी तरह भावुक हो गया, जब पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र की विदाई समारोह आयोजित की गई। आमतौर पर ट्रांसफर और विदाई कार्यक्रम औपचारिकता तक सीमित रहते हैं, लेकिन इस बार का दृश्य कुछ अलग ही था—यहां अधिकारी और जवानों के बीच गहरा मानवीय जुड़ाव खुलकर सामने आया।
पुलिस लाइन में आयोजित इस समारोह के दौरान जैसे ही एसपी विद्यासागर मिश्र मंच से नीचे उतरे, महिला सिपाहियों की आंखों से आंसू बहने लगे। कई महिला पुलिसकर्मी खुद को संभाल नहीं सकीं और फूट-फूटकर रोने लगीं। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया। माहौल इतना संवेदनशील था कि कुछ देर के लिए पूरा कार्यक्रम थम सा गया।
इस दौरान विद्यासागर मिश्र ने भी भावुक होते हुए अपने साथियों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा, “रोना नहीं है, मैं फिर आऊंगा।” उनके इस वाक्य ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के दिल को और ज्यादा छू लिया। यह सिर्फ एक अधिकारी की विदाई नहीं, बल्कि एक ऐसे नेतृत्व को अलविदा कहना था जिसने अपने कार्यकाल में टीम के साथ व्यक्तिगत संबंध भी बनाए।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि विद्यासागर मिश्र का व्यवहार हमेशा सहयोगात्मक और संवेदनशील रहा। उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि जवानों की समस्याओं को भी प्राथमिकता दी। यही वजह रही कि उनकी विदाई के समय ऐसा भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
इसी बीच नए पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की बात कही।
रामपुर में यह विदाई समारोह एक उदाहरण बन गया है कि प्रशासनिक पद केवल जिम्मेदारी नहीं होते, बल्कि उनमें मानवीय रिश्तों की भी अहम भूमिका होती है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग भावुक होकर देख रहे हैं और पुलिस-जन संबंधों की सराहना कर रहे हैं।