देहरादून के मदरसों में परदेसी बच्चों की भरमार, प्रशासनिक जांच शुरू
देहरादून: देवभूमि में एक ओर मदरसा बोर्ड खत्म किए जाने की तैयारी चल रही है दूसरी ओर बिहार झारखंड बंगाल से बच्चों को लाकर यहां के मदरसों में भर्ती कराए
देहरादून: देवभूमि में एक ओर मदरसा बोर्ड खत्म किए जाने की तैयारी चल रही है दूसरी ओर बिहार झारखंड बंगाल से बच्चों को लाकर यहां के मदरसों में भर्ती कराए जाने का मामला सामने आया है ,जिसपर प्रशासनिक जांच शुरू हो गई है।
जानकारी के मुताबिक एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें हिंदुत्वनिष्ठ संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ कई मुस्लिम बच्चों को साथ लेजाते हुए पकड़ा है और पूछताछ में उक्त युवक ये बता रहा है कि वो बच्चों को बिहार से यहां मदरसों में भर्ती करवाने के लिए लाया है। ये भी वीडियो में बताया जा रहा है ऐसे कई युवक है जो कि बाहरी राज्यों से मुस्लिम बच्चों को यहां मदरसों में भर्ती के लिए लेकर आए है। ये मामला उजागर होते ही वीडियो में एक पुलिस अधिकारी भी इन बच्चोबस पूछताछ करता दिखाई दे रहा है।पूछने वाले को बच्चों के द्वारा कट्टर इस्लामिक शिक्षा की जानकारी बताई जा रही है।
इस वीडियो के संज्ञान में आते ही देहरादून प्रशासन हरकत में आया है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि इस मामले को जांच करवाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी बाहरी राज्यों से आए मुस्लिम बच्चों के यहां के मदरसों में पढ़ाई कराने और उनके फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार और अन्य आई डी बनाए जाने का मामला उजागर हुआ था।
उत्तराखंड की धामी सरकार एक ओर मदरसा बोर्ड समाप्त किए जाने की दिशा में आगे बढ़ रही है और यहां राष्ट्रीय शिक्षा पाठ्यक्रम पढ़ाए जाने की घोषणा कर चुकी है लेकिन यहां चल रहे मदरसों ने अभी तक न तो सरकार की योजना पर काम शुरू किया है उल्टा यहां अन्य राज्यों के बच्चों को अपने एजेंट्स के जरिए बुलाकर कट्टर इस्लामिक शिक्षा दिए जाने का षडयंत्र रचा जा रहा है।
अल्पसंख्यक मामले के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने बताया कि उक्त वीडियो के जरिए जांच पड़ताल की जा रही मामला गंभीर लगता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।


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