गदरपुर विधायक अरविन्द पांडेय के राजनीतिक भविष्य पर सवाल, क्या बदलेंगे पाला?

उधमसिंह नगर जिले की गदरपुर विधानसभा सीट से विधायक अरविन्द पांडेय इन दिनों अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सुर्खियों में हैं। पार्टी के भीतर बढ़ते विरोध और हालिया

गदरपुर विधायक अरविन्द पांडेय के राजनीतिक भविष्य पर सवाल, क्या बदलेंगे पाला?

प्रदीप फुटेला 

उधमसिंह नगर जिले की गदरपुर विधानसभा सीट से विधायक अरविन्द पांडेय इन दिनों अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सुर्खियों में हैं। पार्टी के भीतर बढ़ते विरोध और हालिया बयानों के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आगामी चुनाव में उनका टिकट कट सकता है। राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है और कई तरह के समीकरण सामने आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के अंदर ही कुछ नेता अरविन्द पांडेय की कार्यशैली और बयानों से असहज बताए जा रहे हैं। खासतौर पर उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं पर जो सवाल उठाए हैं, उसे शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है कि इस तरह की खुली आलोचना पार्टी लाइन के खिलाफ मानी जा सकती है, जिसका असर उनके राजनीतिक भविष्य पर पड़ना तय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यप्रणाली और सरकारी सिस्टम को लेकर सवाल खड़ा करना भी पांडेय के लिए भारी पड़ सकता है। पार्टी अनुशासन के लिहाज से यह कदम जोखिम भरा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाता है, खासकर तब जब चुनाव नजदीक हों।
इसी बीच, यह भी चर्चा जोरों पर है कि क्या अरविन्द पांडेय कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उनके हालिया तेवर और पार्टी से दूरी बढ़ने की खबरें इस संभावना को बल दे रही हैं। उत्तराखंड की राजनीति में दल-बदल कोई नई बात नहीं है, और ऐसे कई उदाहरण पहले भी सामने आ चुके हैं।
स्थानीय स्तर पर भी कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ कार्यकर्ता पांडेय के समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ ने चुप्पी साध ली है। यह स्थिति आने वाले समय में और स्पष्ट हो सकती है जब पार्टी टिकट वितरण को लेकर अंतिम फैसला करेगी।
फिलहाल, अरविन्द पांडेय के राजनीतिक भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में यह मुद्दा और गर्माने वाला है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व क्या निर्णय लेता है और अरविन्द पांडेय खुद अपने अगले कदम को लेकर क्या रणनीति अपनाते हैं। उधर कांग्रेस ने अरविंद पांडेय को राजनैतिक रूप से निपटाने का वीडियो शेयर किया है जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कुछ नेता अरविन्द पांडेय को घेर कर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।