जनपद ऊधम सिंह नगर में 7 मई 2026 और 14 मई 2026 को आयोजित होगा 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान'

*ऊधम सिंह नगर।* मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ के के अग्रवाल ने बताया कि जनपद में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य

जनपद ऊधम सिंह नगर में 7 मई 2026 और 14 मई 2026 को आयोजित होगा 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान'

 1 से 19 वर्ष तक के 603960 बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली**

- सरकारी, गैर-सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों, आंगनबाड़ियों और मदरसों सहित सभी शिक्षण संस्थानों में दी जाएगी दवा

*ऊधम सिंह नगर।* मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ के के अग्रवाल ने बताया कि जनपद में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान' (National Deworming Day) का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत आगामी *7 मई2026 को मुख्य दिवस और **14 मई*2026 को 'मॉप-अप' दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत जनपद ऊधम सिंह नगर के समस्त सरकारी, गैर-सरकारी ,प्राइवेट विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मदरसों, डिग्री कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों में *1 से 19 वर्ष* तक की आयु के बच्चों व किशोरों को *एल्बेंडाजोल (Albendazole)* की गोली निशुल्क खिलाई जाएगी।

### *मुख्य बिंदु:*

 * *लक्ष्य:* इस बार जनपद ऊधम सिंह नगर में कुल *6,03960* बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
 * *तिथि:* जो बच्चे 7 मई 2026 को दवा खाने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें *14 मई*2026 को 'मॉप-अप' राउंड के दौरान दवा दी जाएगी।
 * *उम्र के अनुसार खुराक:* 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली (पीसकर) और 2 से 3 वर्ष तक के बच्चों को।एक गोली (पीसकर) एवं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक पूरी गोली चबाकर खानी होगी।

### *क्यों जरूरी है कृमि मुक्ति?*

पेट में कीड़े (कृमि संक्रमण) होने से बच्चों में खून की कमी (एनीमिया), कुपोषण और थकान जैसी समस्याएं हो जाती हैं, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एल्बेंडाजोल की यह गोली बच्चों को इन समस्याओं से बचाकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। अपील स्वास्थ्य विभाग ने समस्त अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। यह सुनिश्चित करें कि उनका बच्चा खाली पेट दवा न खाए। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनिवार्य है।