रातें जाग रहीं, बीमार हो रही है युवा पीढ़ी: देर रात तक जागना बन रहा है 'साइलेंट हेल्थ किलर'

रुद्रपुर। देर रात तक जागने और सुबह देर से उठने की बढ़ती आदत भारतीय युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यह बात पद्मश्री वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने कही।

रातें जाग रहीं, बीमार हो रही है युवा पीढ़ी: देर रात तक जागना बन रहा है 'साइलेंट हेल्थ किलर'

समय पर नींद और संतुलित दिनचर्या अपनाने की सलाह, पद्मश्री वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने युवाओं को किया सचेत

रुद्रपुर। देर रात तक जागने और सुबह देर से उठने की बढ़ती आदत भारतीय युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यह बात पद्मश्री वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने कही। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, वेब सीरीज़, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल जीवनशैली ने युवाओं की जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) को प्रभावित किया है, जिससे अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
वैद्य बालेन्दु प्रकाश के अनुसार, रात में पर्याप्त और समय पर ली गई नींद केवल आराम नहीं, बल्कि शरीर की मरम्मत, हार्मोन संतुलन, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा मस्तिष्क के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक होती है। उन्होंने बताया कि देर रात तक कृत्रिम रोशनी और मोबाइल स्क्रीन के संपर्क में रहने से मेलाटोनिन हार्मोन के प्राकृतिक स्राव पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि अनियमित नींद की आदत के कारण दिनभर थकान, एकाग्रता में कमी, स्मरण शक्ति कमजोर होना, मोटापा, मेटाबोलिक सिंड्रोम, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि युवतियों में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) जैसी समस्याओं की संभावना भी बढ़ सकती है।
वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने अपने दशकों के नैदानिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि अनेक अग्न्याशय (पैंक्रियास) संबंधी रोगियों में देर से सोना, सुबह देर से उठना, नाश्ता छोड़ना और अनियमित भोजन जैसी जीवनशैली सामान्य रूप से देखने को मिली है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संभावित संबंध को वैज्ञानिक रूप से स्थापित करने के लिए व्यापक शोध की आवश्यकता है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रात लगभग 10 बजे तक सोने, सुबह सूर्योदय के आसपास उठने, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन से दूरी बनाने, नियमित व्यायाम करने, सुबह धूप लेने, नाश्ता न छोड़ने तथा रात का भोजन सोने से 2–3 घंटे पहले और हल्का करने की आदत अपनाएं।
वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने कहा कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में युवाओं में मधुमेह, मोटापा, हार्मोनल विकार, मानसिक तनाव तथा अन्य जीवनशैली जनित रोगों का बोझ और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत का निर्माण केवल बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से नहीं, बल्कि समय पर सोने और समय पर उठने जैसी अच्छी आदतों से भी संभव है।