क्या ज्यादा चाय पीने से बढ़ सकती है खून की कमी? असम के अध्ययन ने खड़े किए नए सवाल

गुवाहाटी/तेजपुर। चाय भारत के सबसे लोकप्रिय पेयों में से एक है, लेकिन एक हालिया अध्ययन ने यह संकेत दिया है कि चाय से जुड़े समुदायों में खून की कमी (एनीमिया)

क्या ज्यादा चाय पीने से बढ़ सकती है खून की कमी? असम के अध्ययन ने खड़े किए नए सवाल

    •    चाय प्रेमियों के लिए चेतावनी: खून की कमी से जुड़ा नया अध्ययन
    •    असम अध्ययन में खुलासा: चाय बागान समुदाय में एनीमिया सबसे अधिक
    •    क्या आपकी चाय की आदत बढ़ा रही है एनीमिया का खतरा?
    •    चाय और खून की कमी: शोध ने उठाए नए सवाल

गुवाहाटी/तेजपुर। चाय भारत के सबसे लोकप्रिय पेयों में से एक है, लेकिन एक हालिया अध्ययन ने यह संकेत दिया है कि चाय से जुड़े समुदायों में खून की कमी (एनीमिया) की समस्या अधिक पाई जा सकती है। असम में किए गए एक अध्ययन में चाय जनजाति (Tea Tribe) समुदाय के 62 प्रतिशत लोगों में एनीमिया पाया गया, जबकि अन्य समुदायों में यह आंकड़ा 49 प्रतिशत था।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन सीधे तौर पर यह सिद्ध नहीं करता कि चाय पीने से एनीमिया होता है, लेकिन यह अवश्य बताता है कि चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में खून की कमी की समस्या अधिक है। इसके पीछे कुपोषण, गरीबी, कम आय, महिलाओं में आयरन की कमी तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि महिलाओं में मध्यम से गंभीर एनीमिया पुरुषों की तुलना में अधिक था। कम वजन, वजन में गिरावट तथा पोषण संबंधी कमियां एनीमिया के प्रमुख जोखिम कारकों के रूप में सामने आईं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भोजन के तुरंत बाद अत्यधिक चाय का सेवन शरीर में आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है, जिससे पहले से मौजूद आयरन की कमी और बढ़ सकती है। इसलिए आयरन युक्त भोजन के साथ या तुरंत बाद चाय पीने से बचने की सलाह दी जाती है।

शोधकर्ताओं ने चाय बागान क्षेत्रों में पोषण सुधार, नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन सप्लीमेंटेशन तथा महिलाओं और किशोरियों के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता पर बल दिया है।

विशेषज्ञों की सलाह:
यदि आप एनीमिया से पीड़ित हैं या आपके शरीर में आयरन की कमी है, तो भोजन के कम से कम 1–2 घंटे बाद चाय पीना बेहतर माना जाता है।

निष्कर्ष:
असम का यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण चेतावनी देता है कि चाय बागान समुदायों में एनीमिया का बोझ अधिक है। हालांकि इसका पूरा दोष चाय को नहीं दिया जा सकता, लेकिन पोषण और जीवनशैली से जुड़े कारकों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

वैद्य बालेन्दु प्रकाश 
पद्मश्री से अलंकृत वर्ष 1999