नई दिल्ली। समाजसेवा, मानवाधिकार, महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय निधि सिंह को United Nations Peace Ambassadors Foundation के नाम से जारी स्वयंसेवी सेवा से संबंधित प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। प्रमाणपत्र पर 18 सितंबर 2026 की तारीख अंकित है। इस उपलब्धि को उन्होंने शांति, मानवता और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में प्रेरणादायक बताया।
प्रमाणपत्र में शांति, एकता, मानवता और मानवीय सहायता से जुड़े कार्यों के प्रति योगदान एवं समर्पण का उल्लेख किया गया है। इस पर प्रोफेसर किंग्सले चिंदी ओस्साई का नाम अध्यक्ष एवं संस्थापक के रूप में तथा अली यिल्दिज़ का नाम भी दर्ज है। इस्तांबुल, तुर्किये से जुड़े अली यिल्दिज़ के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और विभिन्न देशों में सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार के प्रयासों का उल्लेख किया गया है।


निधि सिंह ने कहा कि समाज में शांति और सद्भाव स्थापित करने के लिए मानवीय संवेदनाओं, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान आवश्यक है। विभिन्न देशों के बीच संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं तथा जीवन-मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।
दस वर्षों से समाजसेवा में सक्रिय
निधि सिंह के परिचय के अनुसार, वह लगभग दस वर्षों से समाजसेवा और सामाजिक जागरूकता से संबंधित गतिविधियों में योगदान दे रही हैं। महिला उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना, बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा पीड़ितों को उनके अधिकारों की जानकारी देना उनके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल है।
वह ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स काउंसिल के महिला प्रकोष्ठ की चेयरपर्सन के रूप में भी कार्य कर रही हैं। न्यूज़ एंकर के तौर पर वह सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय हैं।
मीडिया शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
दिल्ली में जन्मीं निधि सिंह ने मीडिया एवं जनसंचार में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (एमजेएमसी) की शिक्षा प्राप्त की है। उनके शैक्षणिक परिचय में प्रयागराज से एमए तथा केशव महाविद्यालय टीचिंग सेंटर से बीए की पढ़ाई का भी उल्लेख है। वह वर्तमान में कानून की पढ़ाई कर रही हैं।
वर्ष 2024 में वियतनाम में आयोजित मिस एशिया वर्ल्ड प्रतियोगिता में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और जीत हासिल की।
निधि सिंह का कहना है कि महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, मानवाधिकार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने शांति, सहयोग और मानवता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने तथा भारतीय संस्कृति के सकारात्मक मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित करने के अपने संकल्प को दोहराया।
उन्होंने कहा कि वास्तविक बदलाव तभी संभव है, जब शांति और मानवता के आदर्शों को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर व्यवहार में भी अपनाया जाए।