महिला ने यौन शोषण, धमकी और अश्लील वीडियो कॉल के लगाए आरोप, महाराज ने बताया धन उगाही की कोशिश
संवाददाता, मथुरा। धर्मनगरी वृंदावन के कथावाचक डॉ. इंद्रदेव महाराज से जुड़ा मामला इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में है। महाराष्ट्र की एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और पुलिस में दर्ज शिकायत की खबरों के बाद वृंदावन के धार्मिक एवं संत समाज में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। मामले में महिला ने यौन शोषण, अश्लील वीडियो कॉल और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, महाराज ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे धन उगाही की कोशिश करार दिया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मूल रूप से बिहार की रहने वाली और वर्तमान में महाराष्ट्र के ठाणे क्षेत्र में परिवार के साथ रह रही महिला ने आरोप लगाया है कि अप्रैल 2023 में मुंबई के सांताक्रूज में आयोजित सत्संग के दौरान उसकी मुलाकात डॉ. इंद्रदेव महाराज से हुई थी। महिला ने उनसे दीक्षा ली थी। आरोप है कि पारिवारिक समस्याओं के समाधान का भरोसा देकर उसे संपर्क में रहने को कहा गया। दिसंबर 2023 में महिला अपनी बेटियों के साथ वृंदावन स्थित सेवाधाम आश्रम पहुंची। महिला का आरोप है कि इसी दौरान रात करीब साढ़े दस बजे उसे महाराज के कमरे में बुलाकर दरवाजा बंद कर जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में उसे महाराज के व्यवहार से संबंधित कुछ अन्य जानकारियां मिलीं। 17 जून 2026 को कथित रूप से फोन पर धमकी दिए जाने के बाद उसने पुलिस से शिकायत की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महिला पूर्व में एसएसपी मथुरा से भी शिकायत कर चुकी है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के काशीमीरा थाने में 28 अक्टूबर को जीरो एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले को उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, डॉ. इंद्रदेव महाराज ने आरोपों को निराधार बताते हुए धन उगाही की कोशिश बताया है। 5 नवंबर की मीडिया रिपोर्ट में सीओ वृंदावन संदीप सिंह के हवाले से बताया गया है कि जीरो एफआईआर अभी वृंदावन थाने में स्थानांतरित नहीं हुई है और विवेचना प्राप्त होने पर जांच की जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल यह मामला मथुरा पुलिस के पास आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। जीरो एफआईआर और संबंधित अभिलेख प्राप्त होने के बाद ही स्थानीय पुलिस स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई अथवा जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ऐसे में अभी मथुरा पुलिस की ओर से किसी जांच या कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल गंभीर आरोपों और महाराज के जवाब के बीच मामले की निष्पक्ष जांच का इंतजार है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।